बेअदबी मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर ही असंतोष, कैप्टन पर सिद्धू ट्वीट के जरिए कर रहे हैं वार लगातार

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अभिनय आकाश । May 20, 2021 7:36PM
क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू ने जोर देकर कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए न्याय ही उनका मुख्य उद्देश्य था। सिद्धू उन लोगों में भी शामिल थे, जिन्होंने हाल ही में विधायकों और मंत्रियों की बैठक में भाग लिया था।

पंजाब कांग्रेस में इन दिनों लगातार घमासान मचा हुआ है। नवजोत सिंह सिद्धू इन दिनों लगातार ट्वीट कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और विधायकों को कांग्रेस हाईकमान के सामने जाना चाहिए और उन्हें बताना चाहिए कि पंजाब कांग्रेस के अंदर आखिरकार क्या रहा है। ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए, क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू ने जोर देकर कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए न्याय ही उनका मुख्य उद्देश्य था। सिद्धू उन लोगों में भी शामिल थे, जिन्होंने हाल ही में विधायकों और मंत्रियों की बैठक में भाग लिया था, ताकि बेअदबी और पुलिस फायरिंग के मामलों के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री पर दबाव बनाया जा सके।

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गौरतलब है कि एक जून 2015 को बरगाड़ी से सटे गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से पावन ग्रंथ का स्वरूप चोरी हो गया। इसके बाद 24-25 सितंबर 2015 की रात को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला में ही गुरुद्वारा साहिब के बाहर अश्लील शब्दावली वाला पोस्टर लगाकर पुलिस प्रशासन व सिख संगत को चुनौती दी गई। पावन ग्रंथ की चोरी व पोस्टर लगाने के मामलों का कोई सुराग ढूंढ़ने में पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी। वहीं पोस्ट लगाए जाने के कुछ ही दिनों बाद बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी कर दी गई। इसी मामले में सिख संगठनों और संगत ने कोटकपूरा  और बरगाड़ी से सटे गांव बहबल कलां में भी धरना दिया था। इसी धरने के दौरान 14 अक्टूबर 2015 को पुलिस की गोलीबारी में गांव नियामी वाला के किशन भगवान सिंह और गांव सरांवा के गुरजीत सिंह मारे गए थे। वहीं बहिबल कलां से पहले कोटकपूरा के मुख्य चौक में भी चल रहे रोष धरने को पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उठवाया और पुलिस के लाठीचार्ज से करीब 100 लोग घायल हुए।  


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