पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान, आंदोलन के दौरान मारे गए किसान परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नौकरी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 23, 2021   08:35
पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान, आंदोलन के दौरान मारे गए किसान परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नौकरी

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘‘बहुत सारे लोग अपने बच्चों और नाती-पोतों के भविष्य के लिए (दिल्ली) की सीमाओं पर बैठे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम ठंड के कारण हर दिन अपने किसानों को खो रहे हैं, अब तक लगभग 76 किसानों की मौत हो चुकी है।’’

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को राज्य से प्रत्येक उस किसान के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की जिसकी केन्द्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान मौत हुई है। सिंह ने कहा कि उन्हें एक रिपोर्ट मिली है कि राज्य के 76 किसानों की अब तक मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी पंजाबियों को दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हमारे किसानों की चिंता है। वे वहां उन कानूनों को निरस्त करने के वास्ते केंद्र को राजी करने के लिए बैठे हैं, जो हम लोगों को विश्वास में लिए बिना लागू किए गए थे।’’ 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री बोले किसानों की आड़ में विरोधियों का आंदोलन 

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बहुत सारे लोग अपने बच्चों और नाती-पोतों के भविष्य के लिए (दिल्ली) की सीमाओं पर बैठे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम ठंड के कारण हर दिन अपने किसानों को खो रहे हैं, अब तक लगभग 76 किसानों की मौत हो चुकी है।’’ सिंह ने अपने ‘फेसबुक लाइव आस्क कैप्टन सेशन’ के 20वें संस्करण के दौरान कहा कि आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मौत हुई है, उनके परिवारों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देगी। मुख्यमंत्री ने कृषि कानूनों को लेकर ‘‘झूठ’’ फैलाने के लिए शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी (आप) की निंदा की और केन्द्र द्वारा कानूनों को निरस्त किये जाने से इनकार करने को ‘‘अमानवीय’’ बताया। 

इसे भी पढ़ें: जब आंदोलन की पवित्रता नष्ट हो जाती है तो निर्णय नहीं होता: नरेन्द्र सिंह तोमर 

गौरतलब है कि केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसान कई सप्ताह से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। सिंह ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘हम किसानों के साथ हैं और उनके साथ खड़े रहेंगे।’’ कुछ किसानों और आंदोलन के समर्थकों को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के नोटिसों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक ‘‘गलत कदम’’ है और वह जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्री को इस बारे में पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।