Maharashtra Municipal Corporation Elections 2026: मतदान से पहले राज ठाकरे की MNS को लगा बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने लिया ये फैसला

न्यायालय ने ऐसी निर्विरोध जीत को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि मौजूदा कानूनों के तहत, बिना मतदान के उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित करना वैध है।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों से पहले, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने कई वार्डों में निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने ऐसी निर्विरोध जीत को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि मौजूदा कानूनों के तहत, बिना मतदान के उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित करना वैध है।
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याचिका किस बारे में थी?
यह याचिका महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता अविनाश जाधव ने दायर की थी। उन्होंने तर्क दिया कि बिना मतदान कराए उम्मीदवारों को विजेता घोषित करना लोकतांत्रिक सिद्धांतों के विरुद्ध है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ क्षेत्रों में, अन्य उम्मीदवारों ने दबाव या प्रलोभन के कारण अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे कोई मुकाबला नहीं रह गया।
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अदालत ने दलीलें खारिज कीं
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने इन दावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता आरोपों के समर्थन में ठोस और विश्वसनीय सबूत पेश करने में विफल रहा है। अदालत ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया कानून के अनुसार चल रही है और अदालत के हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी वार्ड में केवल एक ही वैध उम्मीदवार हो, तो उस उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित करना चुनाव कानूनों के अनुरूप है। वर्तमान व्यवस्था के तहत यह प्रक्रिया कानूनी रूप से मान्य है। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को भविष्य में ऐसे मामलों में जिम्मेदारी से अदालत का रुख करने की सलाह भी दी।
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