राजनाथ बोले- राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका, राजनाथ बोले- पिछले 7-8 सालों में तस्वीर काफी बदली है

Min Rajnath Singh
ANI
अंकित सिंह । Nov 18 2022 3:42PM

रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि आप सभी दुनिया की अब तक के आर्थिक विकास पर एक सरसरी निगाह डालें, तो पाएंगे कि दुनिया की ज़्यादातर सभ्यताएँ उन साइटों पर विकसित हुईं, जो उपजाऊ भूमि और नदियों जैसे sources से well-served थे। उस समय कृषि एक प्रमुख धन निर्माता हुआ करती थी।

कर्नाटक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उडुपी में मणिपाल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग के नए भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब मैं शिक्षा की बात करता हूं, तो मेरा मतलब थ्योरेटिकल और प्रैक्टिकल दोनों से होता है। हमें केवल ज्ञान ही नहीं, विवेक भी होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि निरक्षरता गरीबी, बेरोजगारी का एक प्रमुख कारण है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि एक समय था जब भारत वैज्ञानिक तकनीक में नंबर 1 था। शून्य की अवधारणा भारत ने दुनिया को दी। द्विघात समीकरण भी भारत ने दिया था। उन्होंने ये भी कहा कि हमारे यहाँ कहा गया है, 'सा विद्या या विमुक्तए।' यानी विद्या वह है, जो आपको तमाम बंधनों, यानी सीमाओं से नि: शुल्क करती है। मानव जीवन अनेक बंधनों से बंधा होता है, विकास के लिए जिनसे मुक्त होना आवश्यक होता है। 

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रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि आप सभी दुनिया की अब तक के आर्थिक विकास पर एक सरसरी निगाह डालें, तो पाएंगे कि दुनिया की ज़्यादातर सभ्यताएँ उन साइटों पर विकसित हुईं, जो उपजाऊ भूमि और नदियों जैसे sources से well-served थे। उस समय कृषि एक प्रमुख धन निर्माता हुआ करती थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज की दुनिया काफी बदल चुकी है। आज की जिंदगी ज्ञान गहन प्रकृति की है। इसका अर्थ है, कि किसी राष्ट्र को आगे ले जाने में वहां के नागरिकों की तकनीकी क्षमताएं और अभिनव स्वभाव, सबसे निर्णायक कारक है। 

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इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पहले देश में कोई स्टार्ट-अप इको सिस्टम नहीं था, मगर पिछले 7-8 सालों में तस्वीर काफी बदली है। साल 2014 से पहले देश में बमुश्किल कुछ सौ स्टार्ट-अप्स थे। आज देश में स्टार्ट-अप्स की संख्या 70,000 को पार कर गई है। यह सफलता की कहानियां आप जैसे युवाओं ने ही लिखी है। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का जिक्र करते हुए कहा कि NEP-2020 का उद्देश्य, पारंपरिक और आधुनिक ज्ञान के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को वैश्विक नागरिक बनाना है। किसी भी के राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका होती है।

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