बलिदान देने वाले बाल स्वाधीनता सेनानियों की याद में संग्रहालय बनाने की राज्यसभा में मांग

Rajya Sabha
राज्यसभा में मंगलवार को एक मनोनीत सदस्य ने देश की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के अवसर पर स्वाधीनता संग्राम के दौरान प्राणों का बलिदान देने वाले बाल सेनानियों की याद में एक राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की मांग की।

नयी दिल्ली। राज्यसभा में मंगलवार को एक मनोनीत सदस्य ने देश की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के अवसर पर स्वाधीनता संग्राम के दौरान प्राणों का बलिदान देने वाले बाल सेनानियों की याद में एक राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की मांग की। मनोनीत राकेश सिन्हा ने विशेष उल्लेख के जरिये उच्च सदन में यह मामला उठाते हुए कहा कि देश स्वतंत्रता की 75वीं सालगिरह मनाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बच्चों ने भी साम्राज्यवादी शासन के खिलाफ संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभायी थी।

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उन्होंने कहा, ‘‘पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने के संकल्प में 11 अगस्त 1942 को जिन सात सेनानियों ने शहादत दी, उनमें चार-उमाकांत सिन्हा, रामानंद सिंह, रामगोविंद और देवीपद नौवीं कक्षा के छात्र थे। राजेंद्र और सतीश झा, दसवीं कक्षा के छात्र थे।’’ सिन्हा ने कहा, ‘‘ओड़िशा के बाजी रावत ने मात्र 12 वर्ष की आयु में शहादत दी थी। इसी उम्र में असम में कलेश्वरी बरूआ ने शहादत दी थी। इसी प्रकार महाराष्ट्र के शिशिर कुमार की आयु मात्र 15 वर्ष थी, जब उन्होंने शहादत दी थी।’’

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उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस ने 18 वर्ष की आयु में राष्ट्र के लिए प्राणोत्सर्ग किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं, जो हमारी प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि आजादी के 75वें वर्ष पर बाल स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारियां एकत्र कर राष्ट्रीय संग्रहालय बनाया जाये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अभिलेखागार, प्रकाशन विभाग और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास इस बारे में आपसी समन्वय से इन बाल स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी प्रकाशित करें, जो इन लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कई सदस्यों ने सिन्हा की इस मांग से स्वयं को संबद्ध किया।

भाजपा के बृजलाल ने विशेष उल्लेख के जरिये अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से जुड़ा एक मामला उठाया और मांग की कि केंद्र इन वर्गों से जुड़े मुआवजे के नियमों का पालन करने का राज्य सरकारों को निर्देश दे। बीजद के भास्कर राव नेक्कांति ने विशेष उल्लेख के जरिये ओडिशा के रायगढा जिले में मेडिकल कालेज की स्थापना करने की मांग की।

आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने विशेष उल्लेख के जरिये रोजगार का मुद्दा उठाते हुए सरकार से युवाओं की भर्ती प्रक्रिया पर ध्यान देने को कहा। कांग्रेस की छाया वर्मा ने धान से उत्पन्न बायो एथेनॉल की दर गन्ने के शीरे से बनाये जाने वाले एथेनॉल के बराबर किए जाने की मांग विशेष उल्लेख के जरिये की। भाजपा के किरोणीलाल मीणा, माकपा की झरना दास वैद्य, कांग्रेस के राजीव सातव ने भी विशेष उल्लेख के जरिये विभिन्न मुद्दे उठाये।

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