Ramdas Athawale ने Dehradun में कहा: आरक्षण संविधान का अधिकार, विरोध करना गलत

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आरक्षण संविधान में दिया गया प्रावधान है। उन्होंने प्रस्तावित जातीय जनगणना का समर्थन करते हुए कहा कि इससे समाज के विभिन्न वर्गों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही आकलन संभव हो सकेगा।
देहरादून, सात अगस्त केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने शुक्रवार को कहा कि आरक्षण संविधान में दिया गया प्रावधान है और इसका विरोध संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर यहां पहुंचे आठवले ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी आरक्षण की परिकल्पना की थी। हालांकि, उस समय यह संभव नहीं हो पाया।
प्रस्तावित जातीय जनगणना का समर्थन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे विभिन्न समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। महिला सशक्तिकरण पर आठवले ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं में उनकी भागीदारी को और मजबूत करेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि परिसीमन की प्रक्रिया व्यापक राजनीतिक सहमति के साथ आगे बढ़ेगी। प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की कि प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए।
संसद के मानसून सत्र को लेकर आठवले ने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय हित में सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है। केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपना ‘अच्छा मित्र’ बताते हुए उनके नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की।
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