'मैं गुजरात की तरह पैसा देने को तैयार, पर तेलंगाना आते-आते आधा हो जाता है', रेवंत रेड्डी से ऐसा क्यों बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे गुजरात की तरह फंड देने को तैयार हैं, लेकिन तेलंगाना तक पहुंचते-पहुंचते यह आधा हो जाएगा, जो संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस राजनीतिक टिप्पणी के माध्यम से पीएम मोदी ने तेलंगाना के विकास के लिए केंद्र के साथ गठबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया, जो रेड्डी के 'तेलंगाना मॉडल' की आकांक्षाओं के जवाब में था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर एक हास्यास्पद लेकिन राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि तेलंगाना को केंद्र सरकार से राजनीतिक रूप से अलग रहने की बजाय उसके साथ गठबंधन करने से अधिक लाभ होगा। तेलंगाना में परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि मैं रेवंत रेड्डी से कहना चाहता हूं कि भारत सरकार ने गुजरात को 10 वर्षों के शासनकाल में जो कुछ दिया है, वह मैं आपको देने के लिए तैयार हूं, लेकिन इस ज्ञान के आधार पर कि जैसे ही मैं ऐसा करूंगा, आपको जो कुछ अभी मिल रहा है वह आधा हो जाएगा। आप अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए बेहतर यही है कि आप मेरे साथ ही गठबंधन करें।
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यह टिप्पणी तेलंगाना के मुख्यमंत्री के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब मोदी ने एक दशक से अधिक समय में देश के लिए "गुजरात मॉडल" विकसित किया था, और अब तेलंगाना के लोगों को भी उनके नेतृत्व में तेलंगाना मॉडल से ऐसी ही उम्मीदें हैं ताकि राज्य 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल कर सके।
तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक था, तब उसके वस्त्र उद्योग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अब उस विरासत को पुनर्जीवित और मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वारंगल स्थित पीएम मित्रा पार्क देश में एक नई वस्त्र क्रांति को गति देगा। बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा कि आधुनिक संपर्क व्यवस्था पिछले एक दशक से केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक रही है। उन्होंने कहा कि भारत भर में संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों और परिवहन के अन्य साधनों में अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पिछले 11 वर्षों में दोगुना हो गया है। ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है और हाल के वर्षों में भारत सौर ऊर्जा उत्पादन में विश्व के अग्रणी देशों में से एक बनकर उभरा है। रेलवे विकास का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अविभाजित आंध्र प्रदेश काल में इस क्षेत्र का रेलवे बजट 1,000 करोड़ रुपये से कम था, जबकि अकेले तेलंगाना को अब रेलवे आवंटन के रूप में लगभग 5,500 करोड़ रुपये मिलते हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में लगभग 50,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं वर्तमान में चल रही हैं।
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