Rekha Gupta ने Dwarka के सरकारी अस्पताल की दवा दुकान का लाइसेंस रद्द किया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने द्वारका के एक सरकारी अस्पताल की जन औषधि केंद्र दवा दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद की गई जिसमें कर्मचारियों द्वारा मरीजों को दवा देने से इनकार करने का मामला सामने आया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सेवाओं से वंचित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नयी दिल्ली, चार अगस्त दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि द्वारका स्थित एक सरकारी अस्पताल की उस दवा दुकान के विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है जिसके कर्मचारियों ने लोगों को दवाई देने से इनकार किया था। घटना का एक वीडियो प्रसारित हुआ था जिसे सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को टैग किया गया था। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में लापरवाही, उदासीनता या अधिकार के दुरुपयोग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हर सार्वजनिक संस्थान लोगों की सेवा के लिए है, न कि उन्हें परेशान करने के लिए। मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, संबंधित दवा दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। जो लोग नागरिकों को उनके हक की सेवाओं से वंचित करते हैं, कानून के निर्देशों की अवहेलना करते हैं या जनता के प्रति अहंकार दिखाते हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” गुप्ता ने दवा देने से मना करने पर द्वारका के सरकारी अस्पताल में जन औषधि केंद्र संचालित करने वाले विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का सोमवार को वादा किया था।
गुप्ता ने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो साझा किया था जिसमें एक व्यक्ति को यह शिकायत करते हुए देखा जा सकता है कि जन औषधि केंद्र चलाने वाले कर्मचारी मरीजों और तीमारदारों को दवाएं देने से इनकार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा, फर्श पर पोछा लग रहा है, इसलिए दवा जैसी जरूरी चीज देने से मना करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। यह रील मेरे साथ बड़े पैमाने पर साझा की गई और कई लोगों ने मुझे इसमें टैग किया।
वीडियो में वह व्यक्ति कहता है, जाओ और जिससे चाहो उससे शिकायत करो।
अन्य न्यूज़













