गिरिराज के बांस से मारिए वाले बयान के बाद बोलीं डिप्टी सीएम, हम बैठकर समाधान कर सकते

  •  अभिनय आकाश
  •  मार्च 8, 2021   12:00
  • Like
गिरिराज के बांस से मारिए वाले बयान के बाद बोलीं डिप्टी सीएम, हम बैठकर समाधान कर सकते

रेणु देवी ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत मानना है कि हम बैठकर समाधान कर सकते हैं। सबका समाधान आपस में भाईचारे का रिश्ता बनाकर बैठकर काम करने का है। यह उनका व्यक्तिगत मामला है। मैं उसपर कुछ नहीं बोल सकती हूं।

गिरिराज सिंह के अधिकारी के नहीं सुनने पर बांस से मारने वाले बयान को लेकर बिहार में राजनीतिक पारा चढ़ता ही जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद अब बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने भी इस मामले पर अपना बयान दिया है। रेणु देवी ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत मानना है कि हम बैठकर समाधान कर सकते हैं। सबका समाधान आपस में भाईचारे का रिश्ता बनाकर बैठकर काम करने का है। यह उनका व्यक्तिगत मामला है। मैं उसपर कुछ नहीं बोल सकती हूं। 

बयान ठीक नहीं: नीतीश कुमार

इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के उस विवादित बयान को लेकर असहमति जताई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते हैं तो उन्हें ‘‘बांस से मारिए।’’ 

गिरिराज ने क्या दिया था बयान

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री सिंह ने कहा कि उन्हें अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि अधिकारी जनता की शिकायतों को सुनते ही नहीं हैं। कार्यक्रम की वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई। सिंह ने कहा था, ‘‘मैं उनसे कहना चाहता हूं कि इतनी छोटी बात के लिए मेरे पास क्यों आते हैं। सांसद, विधायक, गांव के मुखिया, डीएम, एसडीएम, बीडीओ.... इन सभी का कर्तव्य जनता की सेवा करना है। अगर वे आपकी बात नहीं सुनते हैं तो दोनों हाथों से बांस उठाइए और उनके सिर पर दे मारिए।’’ उन्होंने कहा था, ‘‘अगर इससे भी काम नहीं होता है तो गिरिराज आपके साथ है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept