Mumbai Mayor चुनाव से पहले रिजॉर्ट पॉलिटिक्स, शिंदे के दांव से BJP की बढ़ी टेंशन?

मुंबई बीएमसी मेयर पद को लेकर महायुति में खींचतान तेज हो गई है, जहाँ एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने ढाई-ढाई साल के कार्यकाल का प्रस्ताव रखा है, वहीं 89 सीटों वाली बीजेपी ने इससे इनकार कर दिया है। पार्षदों की होटल-बंदी और खरीद-फरोख्त की आशंकाओं के बीच, अंतिम फैसला अब बीजेपी आलाकमान के हाथ में है जो गठबंधन की मजबूती का परीक्षण करेगा।
मुंबई महापौर पद को लेकर राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कथित तौर पर ढाई साल के कार्यकाल के लिए सहभागिता का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, मुंबई भाजपा अध्यक्ष ने ऐसी किसी भी चर्चा से इनकार करते हुए कहा है कि कार्यकाल साझा करने की कोई व्यवस्था अभी तक तय नहीं हुई है। भाजपा ने दोहराया है कि देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच समन्वय मजबूत बना हुआ है और महापौर महायुति गठबंधन से ही चुने जाएंगे।
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खबरों के मुताबिक, पार्टी बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर महापौर पद का चुनाव कराने की इच्छुक है। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, वहीं शिंदे गुट 29 सीटों के साथ खुद को सत्ता के लिए निर्णायक भूमिका में स्थापित कर रहा है। इस संवाद में उद्धव ठाकरे द्वारा सत्ता संघर्ष पर कटाक्ष करते हुए 'होटल राजनीति' और पार्षदों की संभावित खरीद-फरोख्त को लेकर चिंताएं उजागर की गई हैं। महापौर पद के फार्मूले पर अंतिम निर्णय भाजपा के उच्च कमान के पास है, क्योंकि महाराष्ट्र में गठबंधन सहयोगियों के बीच चर्चा जारी है।
मुंबई नगर निकाय चुनाव में महायुति गठबंधन को सामान्य बहुमत मिलने के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा नवनिर्वाचित सदस्यों को होटल में स्थानांतरित किए जाने के बीच शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने पर्दे के पीछे की घटनाओं की ओर इशारा किया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के बाद मुंबई में महापौर पद को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपने 29 पार्षदों को शहर के एक लग्जरी होटल में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम बीएमसी चुनावों के परिणामों की घोषणा के बाद उठाया गया। शिवसेना का कदम यह प्रदर्शित करने वाला प्रतीत होता है कि शिंदे की पार्टी द्वारा जीती गईं सीट भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हैं। बीएमसी चुनाव में भाजपा 89 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।
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शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा था कि अगर ‘‘देव’’ चाहें तो उनकी पार्टी का मेयर बन सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिंदे की पार्टी अपनी सहयोगी भाजपा द्वारा खरीद-फरोख्त किए जाने की आशंका से डरी हुई है। ठाकरे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मजाक में पूछा कि क्या ‘देव’ से उनके पूर्व सहयोगी का तात्पर्य ‘‘मुझसे’’ है या ‘‘ऊपर वाले भगवान’’ से। फडणवीस ने कहा, ‘‘मुझे भी ‘देव’ भी कहा जाता है, इसलिए मैं पूछ रहा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऊपर वाले भगवान ने तय किया है कि महायुति का महापौर होगा।’’
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