Marathwada में सूखा घोषित करने की मांग, Rohit Pawar बोले- किसानों को मिले 50 हजार रुपये

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

राकांपा (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार से मराठवाड़ा क्षेत्र में तुरंत सूखा घोषित करने का आग्रह किया है। उन्होंने फसल बर्बादी पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये और खेतिहर मजदूरों को 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग रखी। साथ ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की बात कही।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने रविवार को महाराष्ट्र सरकार से मराठवाड़ा क्षेत्र में तत्काल सूखा घोषित करने और किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये तथा खेतिहर मजदूरों को 25 हजार रुपये की सहायता देने की मांग की। पवार ने कहा कि लंबे समय तक बारिश नहीं होने से राज्य के मध्य भाग में स्थित आठ जिलों वाले मराठवाड़ा क्षेत्र और खासकर लातूर में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। विधायक ने धाराशिव, बीड और लातूर में किसानों से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी।

उन्होंने सूखा प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत, चारा शिविर खोलने और अन्य जरूरी कदम उठाने की मांग की। पवार ने दावा किया कि कई जगहों पर फसल नुकसान का पंचनामा अभी तक शुरू नहीं हुआ है, क्योंकि अधिकारी सरकार के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले सूखा घोषित करना होगा।

सूखा घोषित होने के बाद ही पंचनामा शुरू होगा। जब हम अधिकारियों से बात करते हैं तो वे कहते हैं कि अभी तक आदेश जारी नहीं हुए हैं।’’ पवार ने दावा किया कि दौरे के दौरान जिन किसानों से उन्होंने मुलाकात की उन्होंने बताया कि बारिश की कमी के कारण उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। अहिल्यानगर जिले की कर्जत-जामखेड विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले पवार ने कहा कि लातूर में बारिश में 40 प्रतिशत कमी से जुड़े सरकारी आंकड़े किसानों की स्थिति के आकलन को नहीं दर्शाते।

उनके अनुसार, किसानों के मुताबिक यह कमी करीब 60 प्रतिशत है। उन्होंने फसल बीमा मुआवजे के अलावा किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता और खेतिहर मजदूरों को 25 हजार रुपये देने की मांग की। विधायक ने पिछले साल की लंबित सहायता राशि तुरंत जारी करने की मांग भी की और आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में किसानों को कर्ज माफी योजना का लाभ अभी तक नहीं मिला है।

पवार ने अगले कुछ दिनों में चारा शिविर शुरू करने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक चारे की कमी रहने से किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर पशुधन बेचना पड़ सकता है और डेयरी कारोबार से होने वाली उनकी आय प्रभावित हो सकती है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से तुरंत सूखा घोषित करने और स्थिति पर चर्चा के लिए पांच से छह दिन के भीतर राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया।

कुछ अधिकारियों के कथित तौर पर क्षेत्रीय दौरे के दौरान रील बनाने की खबरों का जिक्र करते हुए पवार ने कहा कि कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर अधिकारी खेतों में जाकर किसानों की समस्याएं समझने के बजाय इस तरह की गतिविधियों में लगे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

All the updates here:

अन्य न्यूज़