भतीजे से मोहभंग, चाचा जाएंगे बीजेपी के संग! इस फॉर्मूले पर चल रही है बात

भतीजे से मोहभंग, चाचा जाएंगे बीजेपी के संग! इस फॉर्मूले पर चल रही है बात

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिवपाल यादव के बीजेपी में शामिल होने की संभावना है। कहा जा रहा है कि बीजेपी उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाने का प्रस्ताव दे सकती है। इसके साथ ही जसंवतनगर की खाली सीट से बीजेपी शिवपाल के बेटे को टिकट दे सकती है।

यूपी की महाभारत का अंत हुए लंबा समय बीत गया लेकिन मुलायम परिवार की महाभारत का अंत होता नहीं दिखाई दे रहा। अखिलेश यादव से नाराजगी के बीच बीती रात शिवपाल सिंह यादव ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। ये मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली है। जैसे ही ये मुलाकात खत्म होती है उसके ठीक बाद स्वतंत्र देव सिंह और जेपीएस राठौड़ पहुंच जाते हैं। बीजेपी में जाने की अटकलों के बीच जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या वो अमित शाह ने भी मिलने वाले हैं। तो शिवपाल बोले जो भी करेंगे आप लोगों से बात करेंगे। मतलब शिवपाल ने बीजेपी में जाने की खबरों पर ना नहीं किया। 

ये तो सिर्फ ट्रेलर है, बड़ी पिक्चर तो अभी बाकी है

 प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव के जल्द ही कोई बड़ा फैसला लेंगे वाले बयान ने सूबे की सियासत को और गर्म कर दिया। अब चंद रोज पहले ही शिवपाल ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और सौगंध खाई थी कि अखिलेश ही उनके नेता हैं। लेकिन यूपी चुनाव में सपा की हार के 20 दिन बाद शिवपाल का अंदाज बदल गया। जो शिवपाल विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेने नहीं पहुंचे। उन्होंने विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना से अलग से शपथ ली। शिवपाल ने शपथ के साथ ही ऐलान कर दिया कि ये तो सिर्फ ट्रेलर है, बड़ी पिक्चर तो अभी बाकी है। शिवपाल यादव ने जल्द ही कुछ फैसला लेने की बात कही वो भी ऐसे वक्त में जब अखिलेश और उनके बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। 

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क्या है नाराजगी की वजह 

चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश के बीच की दरार बढ़ने की खबर है। काफी जद्दोजेहद के बाद यूपी चुनाव में अखिलेश ने चाचा ने हाथ तो मिलाया लेकिन दोनों के दिल नहीं मिले और चुनाव खत्म होते ही ये दरार खुलकर सामने आ गई।  26 मार्च को लखनऊ में हुई विधायक दल की बैठक से भी अखिलेश ने शिवपाल को दूर रखा। जबकि प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव सपा के सिंबल पर ही जसवंत नगर से चुनाव लड़े थे। इसी से शिवपाल आहत बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि अखिलेश का नेताप्रति पक्ष बनने का फैसला भी शिवपाल को नागवार गुजरा है। अखिलेश नहीं चाहते की शिवपाल की पकड़ सपा में मजबूत हो। जिसकी बानगी इस बात से भी मिलती है कि शिवपाल द्वारा दिए गए नामों की सूची में से अखिलेश ने किसी को भी टिकट नहीं दिया। यहां तक की शिवपाल अपने बेटे तक को टिकट दिलाने में कामयाब नहीं हो पाए। 

बेटे को ऐसे करेंगे सेट 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिवपाल यादव के बीजेपी में शामिल होने की संभावना है। कहा जा रहा है कि बीजेपी उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाने का प्रस्ताव दे सकती है। इसके साथ ही जसंवतनगर की खाली सीट से बीजेपी शिवपाल के बेटे को टिकट दे सकती है। शिवपाल उम्र के अब इस पड़ाव पर अपने बेटे के राजनीतिक करियर को भी सेट करना चाहते हैं। जिसके लिए उन्होंने अखिलेश से टिकट भी मांगा था लेकिन वहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इसके साथ ही इस बात की भी चर्चा है कि बीजेपी शिवपाल को अखिलेश के इस्तीफे के बाद खाली हुई आजमगढ़ की लोकसभा सीट से उपचुनाव में उतारना चाहती है। ये सीट सपा के लिए सुरक्षित मानी जाती है। लेकिन सपा कार्यकर्ताओं के बीच अच्छी पकड़ रखने वाले शिवपाल के इस सीट से उतरने की स्थिति में समीकरण बीजेपी को अपने पक्ष में आने की उम्मीद है। 





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