अमेठी से उम्मीदवार घोषित करने में देरी पर स्मृति ईरानी का तंज, बोलीं- यह कांग्रेस की हार का संकेत

Smriti Irani
ANI
अंकित सिंह । Mar 6 2024 6:15PM

ईरानी ने सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के 10 साल के शासन की तुलना पर बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मैदान चुन सकते हैं जबकि भाजपा बहस के लिए एक पार्टी कार्यकर्ता का चयन करेगी।

अमेठी से मौजूदा सांसद स्मृति ईरानी ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं पता कि 2024 के चुनाव में कांग्रेस इस सीट से किसे मैदान में उतारेगी लेकिन देरी ही पार्टी के लिए हार का संकेत है। स्मृति ईरानी का बयान उन तीव्र अटकलों के बीच आया है कि कांग्रेस 2019 की हार के बाद एक बार फिर इस सीट के लिए राहुल गांधी को दोहराएगी। उन्होंने कांग्रेस पर तंज भरे लहजे में कहा कि यह अजीब है क्योंकि पहली बार पार्टी को अमेठी से उम्मीदवार के नाम की घोषणा करने में इतना समय लग रहा है। अमेठी से उम्मीदवार घोषित करने से पहले काफी मंथन किया जा रहा है। ये ही हार का संकेत है। 

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इससे पहले ईरानी ने सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के 10 साल के शासन की तुलना पर बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मैदान चुन सकते हैं जबकि भाजपा बहस के लिए एक पार्टी कार्यकर्ता का चयन करेगी। उन्होंने नागपुर में हुंकार भरते हुए कहा कि अगर मेरी आवाज राहुल गांधी तक पहुंच रही है तो उन्हें कान खोलकर सुन लेना चाहिए। 10 साल का शासन किसका रहा, इस पर बहस हो जाए बेहतर था। मैदान तुम चुनो, कार्यकर्ता हम चुनेंगे।

वहीं, खबर यह है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने बुधवार को कहा कि राहुल गांधी आगामी लोकसभा चुनाव अमेठी से लड़ेंगे, जिस निर्वाचन क्षेत्र का उन्होंने पहले 2002 से कई बार प्रतिनिधित्व किया है। हाल ही में दिल्ली में एक बैठक से लौटे कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने पुष्टि की कि राहुल गांधी अमेठी से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने कहा कि गांधी के नाम की आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। 1967 में उत्तर प्रदेश के गठन के बाद से ही अमेठी कांग्रेस पार्टी का गढ़ रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी ने 1977 में पहली बार अमेठी से चुनाव लड़ा था, लेकिन आपातकाल के खिलाफ देशव्यापी प्रतिक्रिया के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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