कश्मीर में बर्फबारी के बद उत्तर भारत में बढ़ी ठंड, तीन दक्षिणी राज्यों में चक्रवात की आशंका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 24, 2020   08:26
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कश्मीर में बर्फबारी के बद उत्तर भारत में बढ़ी ठंड, तीन दक्षिणी राज्यों में चक्रवात की आशंका

राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सर्द हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 17 साल में इस महीने में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान है।

नयी दिल्ली। कश्मीर के बड़े हिस्से में सोमवार को इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई, जिसके कारण उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में तापमान में गिरावट आई। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सर्द हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 17 साल में नवंबर के महीने में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान है। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में मंगलवार और बृहस्पतिवार के बीच चक्रवात ‘निवार’ के आने की आशंका के मद्देनजर प्राधिकारी इससे निपटने की तैयारियों में जुट गए हैं। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति ने सोमवार को यहां बैठक की और तूफान के मद्देनजर अनेक उपायों पर विचार करने के साथ ही संबंधित राज्य सरकारों समेत अनेक पक्षों को प्रभावित क्षेत्रों में किसी की जान नहीं जाने देने और सामान्य स्थिति जल्द बहाल करने का निर्देश दिया। 

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राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सर्द हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 17 साल में इस महीने में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस महीने का सबसे कम तापमान था। आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ सफदरजंग वेधशाला ने न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि नवम्बर महीने में 2003 से दर्ज किया गया सबसे कम तापमान है। तब 6.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।’’

दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगभग दस दिनों बाद सोमवार को ‘‘अत्यंत खराब’’ श्रेणी में दर्ज की गई और धीमी हवाओं के कारण अगले दो दिनों में इसके और खराब होने की आशंका है। दिल्ली के पीएम 2.5 प्रदूषण में पराली जलाये जाने से निकलने वाले प्रदूषकों की हिस्सेदारी रविवार को 12 प्रतिशत थी जबकि सोमवार को यह छह प्रतिशत थी। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मोबाइल ऐप समीर के अनुसार सोमवार की सुबह शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 281 दर्ज किया गया जबकि शाम को यह 302 पहुंच गया। यह रविवार को 274 था। शनिवार को यह 251, शुक्रवार को 296, बृहस्पतिवार को 283 और बुधवार को 211 था। 

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पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी ‘सफर’ के अनुसार हालांकि पराली जलाये जाने की घटनाएं कम हो गई हैं। सफर के अनुसार, ‘‘दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 में पराली जलाये जाने की हिस्सेदारी आज छह प्रतिशत रही।’’ कश्मीर के ज्यादातर मैदानी इलाकों में सोमवार को मौसम की पहली बर्फबारी हुई। घाटी के ऊंचाई पर स्थित क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बर्फबारी हुई जिसके चलते घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाला श्रीनगर-लेह मार्ग बंद हो गया। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और श्रीनगर-लेह मार्ग के सोनमर्ग-जोजिला अक्ष के ऊंचाई पर स्थित इलाकों के लिए ‘ऑरेंज’ चेतावनी जारी की जिसमें प्रशासन और लोगों से सतर्कता बरतने और तैयार रहने को कहा गया है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू और सोनमर्ग-द्रास अक्ष पर कुछ स्थानों पर, कश्मीर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई तथा कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी हुई।

अधिकारी ने बताया कि उत्तर कश्मीर के गुलमर्ग में रात के दौरान चार इंच तक बर्फ गिरी, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में दस सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि ऊंचाई पर स्थित इलाकों में बर्फबारी अंतिम रिपोर्ट आने तक हो रही थाी तथा यह जारी रहेगी। घाटी में कई स्थानों पर बारिश भी हुई। यातायात नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह मार्ग के साथ-साथ घाटी को जम्मू क्षेत्र से जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग मुगल रोड भी बंद हो गया। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फबारी के बीच भी यातायात जारी है। हरियाणा के हिसार में राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान (5.9 डिग्री सेल्सियस) दर्ज किया गया, जबकि पंजाब में बठिंडा सबसे ठंडा स्थान रहा और वहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान के एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया है। 

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मौसम विभाग ने इसकी जानकारी दी। राज्य के बाकी इलाकों में भी अच्छी खासी सर्दी पड़ रही है वहीं मौसम विभाग ने अगले दो दिन में राज्य के कई जिलों में बादल छाये रहने तथा हल्की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। विभाग के अनुसार बीती रविवार माउंट आबू में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक आर एस शर्मा के अनुसार वर्तमान परिस्थिति के अनुसार 24-25 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, नागौर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरु तथा आसपास के क्षेत्रों में 24 नवंबर को आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा 25 नवंबर को इन जिलों में मेघगर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। उनके अनुसार राज्य के अन्य स्थानों पर हल्के बादल व मौसम मुख्यतः शुष्क रहने तथा न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। पछुआ हवा चलने से पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश के मौसम में काफी तब्दीली आयी है और राज्य के कुछ पूर्वी हिस्सों में शीतलहर चली।

आंचलिक मौसम केन्द्र के निदेशक जे.पी. गुप्ता ने सोमवार को बताया कि पिछले सप्ताह उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण वहां से आयी ठंडी हवा के कारण उत्तर प्रदेश में तापमान में गिरावट आयी है। इससे ठंड बढ़ गयी। हालांकि आने वाले एक-दो दिन में तापमान कुछ सामान्य होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है, जिसके कारण पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होगी। इससे उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान में कुछ वृद्धि होगी। मौसम केन्द्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों के कुछ इलाकों में शीतलहर चली।  पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली तथा आगरा मण्डलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। इसके अलावा अयोध्या, कानपुर, लखनऊ तथा मेरठ मण्डलों में भी यह सामान्य से कम रहा। इस अवधि में मुजफ्फरनगर राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।





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मध्य प्रदेश के हनुवंतिया में बड़ा हादसा, पैराग्लाइडिंग के दौरान 2 लोगों की मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 21, 2021   11:29
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मध्य प्रदेश के हनुवंतिया में बड़ा हादसा, पैराग्लाइडिंग के दौरान 2 लोगों की मौत

मौके पर मौजूद लोग तुरंत छतिग्रस्त पैराग्लाइडर के पास पहुंचे जिसके बाद उन्हें तत्काल पास में स्थित मुंदी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसआई भीम सिंह मंडलोइ ने बताया कि पैरा ग्लाइडिंग का ठेका सन ड्रजर्स कंपनी ले रखा है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित पर्यटन स्थल हनुवंतिया टापू में बुधवार शाम को पैराग्लाइडिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टापू में पैराग्लाइडर ऑपरेटर और एक यात्री पर्यटक की मौत हो गई। मरने वालों में एक कंपनी का कर्मचारी है तो दूसरा पैरा ग्लाइडिंग करने वाली कंपनी के ठेकेदार का भाई है। बताया जा रहा है कि हवा में उड़ता हुआ पैराग्लाइडर 150 फीट की ऊंचाई से जमीन पर गिरा। खंडवा कलेक्टर ने इस घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। वहीं घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट कर दुःख जताया है।

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दरअसल इन दिनों हनुवंतिया में जल महोत्सव का आयोजन चल रहा है। इसके चलते पर्यटक यहां लगातार पहुंच रहे है। 15 दिसंबर से शुरू हुए इस जल महोत्सव को 15 जनवरी तक चलना था, लेकिन पर्यटको की संख्या को देखते हुए 5 दिन पहले ही जल महोत्सव को एक महीने के लिए बढ़ाया गया था। बुधवार शाम लगभग 5:30 बजे के आसपास टापू पर पैराग्लाइडिंग चल रही थी। बालंचद पुत्र रामप्रताप दांगी (32) निवासी भगौरा जिला राजगढ़ और गजपाल सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह (28) निवासी बूढा मांगलियान जिला पाली, राजस्थान पैरा ग्लाडिंग कर रहे थे। वे दोनों 100 फीट से अधिक ऊंचाई पर थे। इसी दौरान किसी तकनीकी खराबी की वजह से एक पैराग्लाइडर अचानक से नीचे गिरा।

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जिससे  पैराग्लाइडर को चलाने वाले पायलट बालचंद डांगी और इवेंट कंपनी के मैनेजर के रिश्तेदार गजराज सिंह राजपूत बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोग तुरंत छतिग्रस्त पैराग्लाइडर के पास पहुंचे जिसके बाद उन्हें तत्काल पास में स्थित मुंदी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसआई भीम सिंह मंडलोइ ने बताया कि पैरा ग्लाइडिंग का ठेका सन ड्रजर्स कंपनी ले रखा है। इसका ठेकेदार श्रवण सोलंकी है। हादसे में बालचंद और गजपाल सिंह की मौत हुई है। बालचंद सन ड्रेजर्स कंपनी में कर्मचारी है। मृतक गजपाल सिंह कंपनी के ठेकेदार श्रवण सिंह की बुआ का लड़का बताया जा रहा है।

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वही घटना को लेकर खंडवा जिले के कलेक्टर अनय द्विवेदी ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और अनुविभागीय मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। कलेक्टर के निर्देश के आस-पास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जाएगी। जिला कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से इस हादसे के वीडियो और फुटेज भी जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। क्योंकि पैराग्लाइडिंग के दौरान बहुत से लोग वीडियो बना रहे थे। घटना के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी एसडीएम पुनासा को दी जा सकती है। इस पूरी घटना पर  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुःख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि खण्डवा के हनुवंतिया में हुई पैरा मोटरिंग दुर्घटना में दो अमूल्य जिंदगियों के असमय काल कवलित होने के समाचार से बहुत दु:ख पहुंचा है।

 





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टीकाकरण के दूसरे चरण में PM मोदी को लगेगी वैक्सीन, मुख्यमंत्रियों और सांसदों के लिए भी की गई व्यवस्था

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 21, 2021   11:25
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टीकाकरण के दूसरे चरण में PM मोदी को लगेगी वैक्सीन, मुख्यमंत्रियों और सांसदों के लिए भी की गई व्यवस्था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है, दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर वालों का टीकाकरण करा दिया जाएगा।

नयी दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस महामारी से निजात पाने के लिए कोरोना टीकाकरण अभियान जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की और अब खबर सामने आई है कि दूसरे चरण में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के विधायकों और सांसदों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है, दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर वालों का टीकाकरण करा दिया जाएगा। बता दें कि अभी पहले चरण का टीकाकरण अभियान जारी है। जिसमें 3 करोड़ अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को टीका लगाया जाना है। फिलहाल 7 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। 

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वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि दूसरे चरण में 50 साल से अधिक उम्र के लोगों और किसी बीमारी से ग्रसित लोगों को टीका लगाया जाएगा। हालांकि, अब कहा जा रहा है कि दूसरे चरण में प्रधानमंत्री समेत सभी 50 साल से अधिक उम्र के सांसदों और मुख्यमंत्रियों को कोरोना का टीका दिया जाएगा ताकि देश के समक्ष टीके को लेकर सकारात्मक संदेश जाए।





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कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज ने कसा तंज, कहा- अब तो बस खाट ही बची है

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 21, 2021   11:15
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कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज ने कसा तंज, कहा- अब तो बस खाट ही बची है

कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अब कमलनाथ जी के पास कुर्सी तो बची नहीं, खाट ही बची है अब वह खाट पर ही बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अब मरता क्या न करता

भोपाल। मुरैना जिले के देवरी में कांग्रेस की इस खाट महापंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि कमलनाथ के पास अब कुर्सी तो बची नहीं, खाट ही बची है तो खाट पर बैठेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में खाट महापंचायत कर केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की। इसमें कमलनाथ के अलावा दिग्विजय सिंह, युवा नेता और कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित तमाम नेता मौजूद रहे। 

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कमलनाथ की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अब कमलनाथ जी के पास कुर्सी तो बची नहीं, खाट ही बची है अब वह खाट पर ही बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अब मरता क्या न करता, उन्हें कोई काम है नहीं उनकी सिर्फ एक टीम बैठी है जो सिर्फ ट्वीट करती है और झूठे सच्चे कुछ भी ट्वीट करें कोई काम तो होना चाहिए इसलिए वह सिर्फ ट्वीट करते रहते हैं।

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इस दौरान शराब दुकानों को लेकर कमलनाथ के आरोपों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारा पहला कदम है माफियाओं को दफन करें और वह अभियान लगातार चल रहा है। अभी कोई फैसला नहीं किया है और ना ही कुछ तय किया है। वह तो कहते रहते हैं कौवा कान ले गया, उन्हें तो यह बात भी नहीं पता कि कौवा है या कान। कुछ भी बोलते रहते हैं, तथ्य आते हैं उन पर बात होती है। उन्होंने कहा कि यह फैसला मैंने किया था 10 साल तक कोई शराब की दुकान नहीं खुली, कई दुकानें बंद कर दी थी। मैं उस विषय पर अभी कुछ बोलना नहीं चाहता, कई तरह के तथ्य आते हैं उन सब पर विचार करके प्रदेश की जनता के हित में ही कोई फैसला करेंगे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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