सरकार की उदासीनता के कारण इस्तीफा देना चाहते हैं डीडीसी के कुछ सदस्य: महबूबा मुफ्ती

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 22, 2021   21:43
सरकार की उदासीनता के कारण इस्तीफा देना चाहते हैं डीडीसी के कुछ सदस्य: महबूबा मुफ्ती

अगर प्राकृतिक आपदा और आग लगने की घटनाओं में भी हम लोगों की मदद नहीं कर सकते हैं, तो फिर हमारे होने का मतलब क्या है? ऐसी स्थिति में बेहतर है कि सरकार हमारा इस्तीफा मंजूर कर ले।

श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में बड़गाम जिले के जिला विकास परिषद के कुछ सदस्यों ने सरकार की उदासीनता और पिछले साल हुए चुनाव के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करने से रोके जाने के कारण इस्तीफा देने की पेशकश की है। मुफ्ती ने मध्य कश्मीर के बड़गाम जिले के नाराज चल रहे डीडीसी सदस्यों का एक वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया है जो कथित रूप से ईद पर बनाया गया था। मुफ्ती ने ट्वीट किया, ‘‘ सुरक्षा के नाम पर पिछले सात महीनों से बड़गाम के डीडीसी सदस्यों को रोक कर रखना, उनके निर्वाचन के उद्देश्य को विफल करता है। इच्छा के विरुद्ध रोक कर रखे गए हैं, प्रशासन उन्हें उनके निर्वाचयन क्षेत्रों का दौरा भी नहीं करने दे रहा है। वे इतने निराश हो गए हैं कि इस्तीफा देना चाहते हैं।’’ 

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वीडियो में सदस्यों ने कहा कि सरकार के पास उनके लिए कोई योजना नहीं है और उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा भी नहीं करने दिया जा रहा है। सदस्यों में से एक ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले सात महीनों से हम हिरासत में रह रहे हैं। हम अपने परिवार से दूर हैं और हमारे बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। सरकार ने अभी तक वेतन भी नहीं दिया है।’’ उन्होंने अपने-अपने परिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार के पास हमारे लिए कोई योजना नहीं है तो हमारा इस्तीफा स्वीकार कर ले। जो लोग कोई सुरक्षा नहीं चाहते हैं, अपने घरों में रहना चाहते हैं, और हलफनामा देने को तैयार है, उन्हें जाने देना चाहिए। इससे सरकार के भी पैसे बचेंगे।’’ 

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सदस्यों ने कहा कि जरुरतमंदों की मदद करने के लिए उन्हें उनके निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करने की जरुरत है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर प्राकृतिक आपदा और आग लगने की घटनाओं में भी हम लोगों की मदद नहीं कर सकते हैं, तो फिर हमारे होने का मतलब क्या है? ऐसी स्थिति में बेहतर है कि सरकार हमारा इस्तीफा मंजूर कर ले।





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