South Africa Tourism ने 2026 तक 1 लाख भारतीय पर्यटकों को लुभाने की बनाई योजना

South Africa Tourism ने 2026 तक 1 लाख भारतीय पर्यटकों को लुभाने की बनाई योजना
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दक्षिण अफ्रीकी पर्यटन के मुख्य परिचालन अधिकारी इस्माइल डॉकराट ने जयपुर में बताया कि भारत उनके प्रमुख विकास बाजारों में शामिल है। देश में भारतीय यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए वीजा नियमों को सरल करने और सीधी हवाई सेवा शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही एडवेंचर, डेस्टिनेशन वेडिंग और 2027 पुरुष क्रिकेट विश्व कप के जरिए पर्यटकों को आकर्षित करने की तैयारी है।

संदीप दहिया जयपुर, 23 अगस्त दक्षिण अफ्रीकी पर्यटन के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) इस्माइल डॉकराट ने कहा कि युवा और नए अनुभवों की तलाश में रहने वाले पर्यटकों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 2026 में एक लाख भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। जयपुर में हाल में हुई ‘ब्रिक्स’ (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) पर्यटन कार्य समूह की बैठक में शामिल होने आए डॉकराट ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “भारत हमारे सबसे महत्वपूर्ण विकास बाजारों में से एक है और 2026 में हमारा लक्ष्य एक लाख भारतीय पर्यटकों के आगमन तक पहुंचना है। इससे हम महामारी से पहले के स्तर के करीब पहुंच जाएंगे।” उन्होंने कहा कि 2025 में करीब 70,000 भारतीय पर्यटक दक्षिण अफ्रीका गए थे।

अगले तीन वर्षों में एक लाख के आंकड़े से आगे निरंतर वृद्धि हासिल करने के लिए वीजा सुविधा और हवाई संपर्क को प्रमुख प्राथमिकता दी जा रही है। डॉकराट ने कहा, ‘‘भारतीय पर्यटकों की पसंद में बड़ा बदलाव आया है। परिवार और समूह के साथ यात्रा का चलन कायम है, लेकिन अब रोमांच, अनुभव आधारित पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग, प्रोत्साहन यात्राओं और युवा पर्यटन की मांग भी बढ़ रही है।

भारतीय पर्यटक खान-पान और वाइन, संस्कृति, खुद वाहन चलाकर यात्राएं करने तथा अनूठे वन्यजीव अनुभवों में रुचि दिखा रहे हैं।’’ उन्होंने कि केपटाउन और जोहान्सबर्ग हमेशा मुख्य पड़ाव रहेंगे, लेकिन दक्षिण अफ्रीकी पर्यटन भारतीय यात्रियों को देश की व्यापक विविधता खोजने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। विनलैंड्स, गार्डन रूट, क्वाज़ुलू-नताल और म्पुमालंगा के अलावा समुद्री, खान-पान, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन पर भी जोर दिया जा रहा है। डॉकराट ने राजस्थान को भी दक्षिण अफ्रीका के लिए महत्वपूर्ण उभरता बाजार बताया।

उन्होंने कहा, “राजस्थान और दक्षिण अफ्रीका में विरासत, वन्यजीव, विवाह और अनुभव आधारित पर्यटन को लेकर काफी समानताएं हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए वीजा और हवाई संपर्क सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं जिसके लिए दक्षिण अफ्रीका ने ‘ट्रस्टेड टूर ऑपरेटर स्कीम’ शुरू की है और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ईटीए) के जरिए अधिक डिजिटल वीजा प्रक्रिया की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू करना भी उसके एजेंडे में है। पर्यटन विभाग दिल्ली और मुंबई के अलावा अहमदाबाद, कोलकाता, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों में प्रचार अभियान, कारोबारी संपर्क, प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोड शो कर रहा है।

डॉकराट ने कहा कि 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाला पुरुष क्रिकेट विश्व कप भारत से पर्यटकों को आकर्षित करने का बड़ा अवसर होगा। ब्रिक्स पर्यटन सहयोग पर उन्होंने कहा कि इसका लाभ केवल प्रचार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यात्रा को आसान बनाने पर भी जोर होना चाहिए। उन्होंने हवाई संपर्क, पर्यटन निवेश, कारोबार और सम्मेलन पर्यटन में सहयोग की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में ब्रिक्स देशों के लिए साझा पर्यटक वीजा की संभावना तलाशी जा सकती है।

हालांकि, वीजा नीति संबंधित देशों की सरकारों और आव्रजन अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आती है।

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