राज्य का दर्जा जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को खत्म नहीं करेगा, फारूक अब्दुल्ला बोले- हमें लोगों के समर्थन की जरूरत

Farooq Abdullah
ANI
अंकित सिंह । Feb 12 2025 3:00PM

अब्दुल्ला ने कहा कि कल ही इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में दो जवान शहीद हो गये। उन्होंने सवला करते हुए कहा कि वह कहां से आया? जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हमें लोगों की मदद की जरूरत है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि भले ही जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाए, फिर भी आतंकवाद खत्म नहीं होगा और इसे लोगों के समर्थन की जरूरत है। फारूक अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य का मुद्दा कई वर्षों से है। उन्होंने कहा कि भले ही राज्य का दर्जा बहाल हो जाए और हमें सब कुछ मिल जाए, लेकिन क्या लोग सोचते हैं कि इससे यहां आतंकवाद खत्म हो जाएगा। जो लोग बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं कि यहां आतंकवाद खत्म हो गया है, उनसे पूछें कि क्या यह अभी भी है या नहीं।

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अब्दुल्ला ने कहा कि कल ही इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में दो जवान शहीद हो गये। उन्होंने सवला करते हुए कहा कि वह कहां से आया? जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हमें लोगों की मदद की जरूरत है। अब समय आ गया है कि हमें शांति स्थापित करनी चाहिए। यहां शांति ही कुछ कर सकती है। हमारे बच्चे बेरोजगार हैं। जब शांति नहीं है तो इन मुद्दों का समाधान कैसे किया जा सकता है?

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उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन से दिल्ली विधानसभा चुनाव में अलग परिणाम आ सकते थे। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक की भावना अभी भी वही है। लेकिन दिल्ली में कुछ गलतियां हुई हैं। अगर आप और कांग्रेस के बीच सही तालमेल होता तो नतीजे कुछ और हो सकते थे. हमें मिलना होगा और इन मुद्दों पर चर्चा करने की जरूरत है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आतंकवाद मुक्त जम्मू-कश्मीर के लिए प्रतिबद्ध है। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा के लिए यहां एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को कड़ी निगरानी,सीमा ग्रिड को मजबूत करने और निगरानी तथा सरहद की हिफाज़त के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ पूरी तरह से रोकने का निर्देश दिया।

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