Ethanol Blending वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित, राज्य जांच कराएं लेकिन राजनीति से बचें: Suresh Gopi

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केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि कर्नाटक और केरलम सरकारें पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा का पता लगाने के लिए नमूनों की जांच कराने को पूरी तरह स्वतंत्र हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने की नीति वैज्ञानिक प्रमाणों पर टिकी है। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा करने से बचने की सलाह दी।

त्रिशूर (केरलम), आठ नवंबर केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने रविवार को कहा कि कर्नाटक और केरलम की सरकारें पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा का पता लगाने के लिए उसके नमूनों की जांच करा सकती हैं, लेकिन उन्हें इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। गोपी की यह टिप्पणी कर्नाटक सरकार के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उसने कहा था कि उसकी ओर से कराई गई जांच में पेट्रोल पंपों पर बेचे जा रहे पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा अधिक पाई गई है। केरलम सरकार ने भी शनिवार को इसी तरह की जांच कराने का फैसला किया।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री गोपी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि दोनों सरकारें जांच कराने के लिए स्वतंत्र हैं और पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की केंद्र की नीति वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे कर्नाटक सरकार हो या केरलम सरकार, वे जांच करा सकती हैं। हमारे पास इसके समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण हैं।’’ गोपी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने की मंजूरी दी है और इसकी व्यावहारिकता एवं वैज्ञानिक पहलुओं का आकलन करने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर लोग सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए बेवजह आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं और विवाद खड़े करते हैं, तो यह देखना होगा कि आखिरकार इसका खामियाजा किसे भुगतना पड़ेगा। बस इतना ही।’’

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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