Monsoon Session Strategy: एक देश-एक चुनाव' पर सस्पेंस, Women's Reservation Bill से विपक्ष को बांटने की तैयारी

सरकार का मानना है कि इस बार विपक्ष के कई सांसद इन दो विधेयकों का समर्थन कर सकते हैं, जिससे कांग्रेस काफी हद तक अलग-थलग पड़ जाएगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार की तत्काल प्राथमिकता लंबित अध्यादेशों को पारित कराना है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 भी शामिल है। इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत अधिकतम संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करना है।
भले ही विपक्ष के कई सांसद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) में शामिल हो गए हैं, लेकिन केंद्र सरकार का अगले हफ़्ते शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र में 'एक देश, एक चुनाव' (One Nation, One Election) लाने का कोई इरादा नहीं है। इसके अलावा, इस बात पर भी कोई स्पष्टता नहीं है कि सरकार आने वाले सत्र में परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) और महिला आरक्षण विधेयक (Women's Reservation Bill) पेश करने की योजना बना रही है या नहीं। हालांकि, सरकार का मानना है कि इस बार विपक्ष के कई सांसद इन दो विधेयकों का समर्थन कर सकते हैं, जिससे कांग्रेस काफी हद तक अलग-थलग पड़ जाएगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार की तत्काल प्राथमिकता लंबित अध्यादेशों को पारित कराना है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 भी शामिल है। इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत अधिकतम संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करना है।
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ONOE का विरोध
'एक देश, एक चुनाव' (One Nation, One Election) बिल पिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था, लेकिन इसे BJP सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया था। इस समिति का कार्यकाल 10 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार 'एक देश, एक चुनाव' की वकालत की है और इस बात पर ज़ोर दिया है कि इससे चुनावों में खर्च होने वाले कीमती समय और संसाधनों की बचत होगी। हालाँकि, विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार जल्दबाज़ी में यह बिल लाने की कोशिश कर रही है और उनकी सहमति के बिना संसद में यह कानून पारित नहीं हो सकता। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को कहा, "विपक्ष के समर्थन के बिना वे यह बिल कैसे ला सकते हैं? उन्हें विपक्ष के साथ इस पर चर्चा करनी होगी। हमें पता तो चले कि वे क्या लाने वाले हैं, और फिर हम अपनी बात रखेंगे।
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परिसीमन और महिला आरक्षण बिल
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026, पिछले संसद सत्र में लोकसभा से पास नहीं हो पाया था। इस बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े थे, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया था। लोकसभा से पास होने के लिए इस बिल को दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत थी। विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन उसने परिसीमन की आलोचना की है। विपक्ष का तर्क है कि इससे संसद में दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है और उसने इसके तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, सरकार लगातार परिसीमन का बचाव कर रही है और भरोसा दिला रही है कि दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा।
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