महबूबा मुफ्ता ने फिर अलापा पाकिस्तान राग, बोलीं- J&K में खून-खराबे को बंद करने के केंद्र सरकार करे पड़ोसी मुल्क से बात

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 28, 2021   18:32
महबूबा मुफ्ता ने फिर अलापा पाकिस्तान राग, बोलीं- J&K में खून-खराबे को बंद करने के केंद्र सरकार करे पड़ोसी मुल्क से बात

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘‘ भारत और पाकिस्तान के बीच (इस साल के फरवरी का) संघर्षविराम बातचीत का ही नतीजा है। तब, यदि महबूबा कहती है कि कश्मीर मुद्दे के समाधान और खूनखराबे को बंद करने के लिए पाकिस्तान से बात करो, तो उसमें गलत क्या है।’’

श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि भारत को कश्मीर मुद्दे के हल तथा इस क्षेत्र में रक्तपात पर पूर्ण विराम लगाने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने यहां पीडीपी के 22 वें स्थापना दिवस पर पार्टी के एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘ भारत और पाकिस्तान के बीच (इस साल के फरवरी का) संघर्षविराम बातचीत का ही नतीजा है। तब, यदि महबूबा कहती है कि कश्मीर मुद्दे के समाधान और खूनखराबे को बंद करने के लिए पाकिस्तान से बात करो, तो उसमें गलत क्या है।’’ 

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति में सुधार के लिए पड़ोसी देश से बातचीत करने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ संघर्षविराम से सीमा पर शांति आयी है और घुसपैठ कम हो गयीं। इससे लोगों को राहत मिली।’’ महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘‘ आप चीन से बातचीत कर रहे हैं जिसने आपकी जमीन कब्जा कर रखी है। आप (सरकार) भले ही न माने, लेकिन ऐसा तो है। भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला संधि और ताशकंद समझौता जम्मू कश्मीर के बारे में है। ’’ उन्होंने कहा कि पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद का जम्मू कश्मीर के दोनों विभाजित हिस्सों के बीच व्यापार एवं यात्रा का सपना तत्कालीन प्रधानमंत्रियों-अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के प्रयासों से साकार हुआ था। 

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उन्होंने कहा,, ‘‘ पाकिस्तान से फिर बातचीत कीजिए तथा मुजफ्फराबाद और रावलकोट व्यापारिक मार्ग फिर खुलवाइए।’’ महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पिछले महीने प्रधानमंत्री के साथ सर्वदलीय बैठक के दौरान उन्होंने दोहराया था कि वार्ता ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने यह भी कहा कि हम जम्मू कश्मीर के विशेष दर्ज की बहाली के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।





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