अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद कश्मीर में स्कूली शिक्षा की स्थिति में क्या सुधार हुआ ?

अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद कश्मीर में स्कूली शिक्षा की स्थिति में क्या सुधार हुआ ?

ऑनलाइन कक्षाएं भी वही छात्र ले पाते हैं जिनके पास पूरे संसाधन हों, गरीब छात्रों के पास ना तो अच्छी स्पीड वाला इंटरनेट है, ना ही स्मार्टफोन। इस समस्या को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के दूर-दराज के इलाकों में बेहतर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सामुदायिक कक्षाएं शुरू हुई हैं।

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क की खास पेशकश अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद से कितना बदला जम्मू-कश्मीर में आप सभी का स्वागत है। आज हम बात करेंगे कश्मीर के दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति सुधारने के लिए सरकार की ओर से क्या प्रयास किये जा रहे हैं। देखा जाये तो कोरोना काल में शिक्षा पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा है। स्कूल-कॉलेज बंद हैं और छात्रों को ऑनलाइन कक्षाएं ही लेनी पड़ रही हैं। लेकिन ऑनलाइन कक्षाएं भी वही छात्र ले पाते हैं जिनके पास पूरे संसाधन हों, गरीब छात्रों के पास ना तो अच्छी स्पीड वाला इंटरनेट है, ना ही स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप आदि। इस समस्या को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के दूर-दराज के इलाकों में बेहतर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से अनंतनाग में शिक्षा विभाग ने सामुदायिक कक्षाएं शुरू की हैं। इस पहल से गरीब छात्रों को विशेष लाभ हो रहा है।

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दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर में शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने कई जगहों पर सरकार द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों को अपग्रेड करना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में कुलगाम जिले के हबीश देवसर में एक सरकारी स्कूल का नवीनीकरण कार्य जोरों पर है। स्थानीय डीडीसी सदस्य रेयाज अहमद ने बताया कि कुलगाम में शिक्षा क्षेत्र के उन्नयन के लिए सरकार सभी प्रयास कर रही है।





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