Imphal में फिर तनाव, मशाल Rally के दौरान Security Forces से भिड़े प्रदर्शनकारी, जमकर पत्थरबाजी

Manipur unrest
प्रतिरूप फोटो
ANI
Ankit Jaiswal । Apr 21 2026 9:11PM

बिष्णुपुर में हुए बम विस्फोट के विरोध में इंफाल में निकाली गई मशाल रैली के दौरान प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और सुरक्षा बलों से भिड़ गए। कर्फ्यू का उल्लंघन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, यह घटना मणिपुर में जारी जातीय तनाव को और गहरा करती है।

मणिपुर में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं, जहां हाल ही में हुए बम विस्फोट में दो बच्चों की मौत के बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। Imphal में निकाली गई मशाल रैली के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षा बलों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

बता दें कि 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी क्षेत्र में हुए विस्फोट में दो बच्चों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद से ही घाटी के विभिन्न इलाकों में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, सोमवार रात इंफाल पश्चिम जिले में मयाई लांबी से केइशमथोंग तक करीब सात किलोमीटर लंबी मशाल रैली निकाली गई थी।

गौरतलब है कि रैली के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की और सुरक्षा बलों से भिड़ गए। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए केइसामपत की ओर बढ़ना चाहते थे, जो लोक भवन और सत्तारूढ़ दल के राज्य कार्यालय के पास स्थित है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केइशमथोंग इलाके में आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और गुलेल से लोहे के छर्रे भी चलाए, जिससे सुरक्षा बलों को खतरा पैदा हो गया था।

बता दें कि प्रशासन ने घाटी के पांच जिलों में शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के घर से बाहर निकलने पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए, जिससे हालात और बिगड़ गए।

गौरतलब है कि मणिपुर पुलिस ने कर्फ्यू का उल्लंघन करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां इंफाल पश्चिम जिले के अलग-अलग इलाकों से की गई हैं।

वहीं, उखरूल जिले में सोमवार रात दो नागरिकों की मौत पर शोक जताने के लिए मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। मौजूद जानकारी के अनुसार, इन दोनों लोगों की 18 अप्रैल को एक घात लगाकर किए गए हमले में जान गई थी।

मणिपुर पिछले कई महीनों से जातीय और क्षेत्रीय तनाव की स्थिति से जूझ रहा है। ऐसे में हाल की घटनाओं ने एक बार फिर शांति व्यवस्था को चुनौती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है और आम जनजीवन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

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