सीमा पार के कुछ तत्व जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने का प्रयास कर रहे : उपराज्यपाल

सिन्हा ने कहा, ‘‘सीमा पार के कुछ तत्व लगातार जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। पर्यटकों का बड़ी संख्या में आना (घाटी में) और अर्थव्यवस्था में प्रगति, ऐसे तत्वों के हित में नहीं है। यहां के लोगों को यह समझना होगा और मुझे लगता है कि हमारी रणनीति सफल होगी।’’
श्रीनगर| उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि सीमा पार के कुछ तत्व जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन आतंकवाद अब अपने अंतिम चरण में है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा कि प्रशासन और सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं और ऐसे तत्वों को कामयाब नहीं होने देंगे। उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘कश्मीर के लोग सबकुछ समझते हैं और धर्मगुरुओं समेत तमाम लोगों ने खुले तौर पर ऐसे (हिंसा के) कृत्यों की निंदा की है।
दीपक बुझने से पहले तेजी से फड़फड़ाता है। यह (आतंकवाद) अपने अंतिम चरण में है लेकिन वे उन दिनों की वापसी का प्रयास कर रहे हैं (जब आतंकवाद चरम पर था)। प्रशासन और सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।’’ उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आ चुका है।
सिन्हा ने कहा, ‘‘सीमा पार के कुछ तत्व लगातार जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। पर्यटकों का बड़ी संख्या में आना (घाटी में) और अर्थव्यवस्था में प्रगति, ऐसे तत्वों के हित में नहीं है। यहां के लोगों को यह समझना होगा और मुझे लगता है कि हमारी रणनीति सफल होगी।’’
इससे पहले उपराज्यपाल ने श्रीनगर स्मार्ट सिटी के तहत 74 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी। परियोजनाओं में निशात-साथू और निशात बाग क्षेत्र का पुनर्विकास, निशात से डल झील के उत्तरी किनारे के साथ लेक फ्रंट का विकास और शालीमार नहर का पुनर्विकास तथा सौंदर्यीकरण शामिल है।
सिन्हा ने कहा कि नयी परियोजनाओं का उद्देश्य श्रीनगर को पैदल और साइकिल चलाने वालों के लिए अनुकूल शहर बनाना है।
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