TG Mohandas हिरासत में, NEET आंदोलन पर विवादित यूट्यूब वीडियो बनाने का आरोप

तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस की टीम ने दक्षिणपंथी टिप्पणीकार टी.जी. मोहनदास को दिल्ली में हुए नीट आंदोलन पर आपत्तिजनक बयान देने के मामले में रविवार शाम कोच्चि स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया। मोहनदास पर यूट्यूब चैनल पत्रिका पर वीडियो अपलोड कर सार्वजनिक शांति भंग करने और भय फैलाने का आरोप है। पुलिस ने मामले की जांच के तहत उनके डिजिटल उपकरणों की जानकारी जुटाई है और विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
कोच्चि, नौ अगस्त राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ दिल्ली में हुए छात्रों के आंदोलन के बारे में एक यूट्यूब वीडियो में की गई टिप्पणियों के लिए रविवार को दक्षिणपंथी राजनीतिक टिप्पणीकार टी.जी. मोहनदास को यहां मतनचेरी स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया। मामले की जांच कर रही तिरुवनंतपुरम साइबर थाने की एक टीम रविवार शाम को स्थानीय थाने के अधिकारियों के साथ मतनचेरी के निकट कुवप्पादम में स्थित मोहनदास के घर पहुंची। पुलिस ने कहा कि टीम के पहुंचने के समय मोहनदास घर पर ही थे।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस टीम ने उनके यूट्यूब अकाउंट और वीडियो बनाने और अपलोड करने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरण के बारे में जानकारी एकत्र की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि जांच के तहत मोहनदास से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। एक शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मोहनदास से यूट्यूब चैनल ‘पत्रिका’ पर अपलोड की गईं वीडियो का मकसद सार्वजनिक शांति भंग करना और लोगों के बीच भय व अशांति उत्पन्न करना था।
वीडियो में मोहनदास ने कथित तौर पर कहा था कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन से “बलात्कार की घटनाएं बढ़ने की आशंका” है। उन्होंने वीडियो में कथित तौर पर दावा किया था कि इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की जाएगी, क्योंकि “प्रदर्शन में शामिल लोग बलात्कार को पसंद करते हैं और कुछ लड़कियां भी हैं, जो अपने बलात्कार का आनंद लेतीं।” उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा था कि अगर उन्हें जिम्मेदारी दी जाती तो वह कर्फ्यू लगाने और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने का आदेश देते और अगर प्रदर्शनकारी नहीं मानते तो वह “गोली चलवा देते।” उन्होंने यह दावा भी किया था कि भले ही इस दौरान कुछ लोग मर जाते या स्थायी रूप से अपंग हो जाते, लेकिन स्थिति कुछ ही घंटों में काबू हो जाती और शवों को अस्पताल भेज दिया जाता।
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