12वीं की परीक्षा होनी चाहिए या नहीं ? बिहार के शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाब

12वीं की परीक्षा होनी चाहिए या नहीं ? बिहार के शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाब

उन्होंने कहा कि बिहार में दसवीं और बारहवीं के परीक्षा और उसके परिणाम दोनों ही हो चुके है। हमने मार्च से पहले ही 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को आयोजित किया था और अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही इसके नतीजे घोषित कर दिए थे।

कोरोना वायरस महामारी के बीच देश में 12वीं की परीक्षा को लेकर चर्चा गर्म है। कुछ राजनीतिक दल 12वीं की परीक्षा को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं तो कुछ परीक्षा कराने के पक्ष में हैं। कुल मिलाकर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई शिक्षा मंत्रियों की बैठक के बाद फिलहाल राज्यों से इसके लिए लिखित सुझाव मांगे गए है। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी कहा है कि 12वीं की परीक्षा को लेकर निर्णय जल्द ही लिया जाएगा। इन सबके बीच बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा कि 12वीं की परीक्षा जरूर होनी चाहिए।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए विजय चौधरी ने कहा कि हमने बैठक में कहा है कि परीक्षा जरूर होनी चाहिए। कोरोना संक्रमण के वर्तमान काल में परीक्षा तत्काल आयोजित करना संभव नहीं होगा लेकिन कुछ दिनों बाद की एक तारीख़(टेंटेटिव) जरूर घोषित कर देनी चाहिए। इससे पहले उन्होंने यह भी कहा कि अब शिक्षा को लेकर बिहार मॉडल के तहत आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में दसवीं और बारहवीं के परीक्षा और उसके परिणाम दोनों ही हो चुके है। हमने मार्च से पहले ही 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को आयोजित किया था और अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही इसके नतीजे घोषित कर दिए थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।