शिंदे का जिक्र करते हुए सीट विवाद को लेकर सरकार पर बरसे मल्लिकार्जुन खड़गे, बोले- आप अपने लोगों को बैठाते हो आगे

Mallikarjun Kharge
ANI Image
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीट विवाद को लेकर कहा कि प्रोटोकॉल के तहत फडणवीस कैसे आएं, मुख्यमंत्री शिंदे भी पहले पंक्ति में कैसे आ गए ? आप अपने लोगों को आगे बैठाते हो और एक मान्यता प्राप्त विपक्षी नेता को नजरअंदाज कर देते हो तो यह ठीक नहीं है।

नयी दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शेष अवधि से कांग्रेस के चार सांसदों को निलंबित किए जाने के मामले पर मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ऐसे निलंबित करना ठीक नहीं है। लोकतंत्र में अगर सच को सदन के सामने रखते हैं और उनको डराने की कोशिश सरकार द्वारा की जाती है तो यह बहुत गलत बात है। इसका मतलब यही है कि मोदी जी लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं।

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस सांसदों पर कार्यवाही को लेकर भड़के अधीर रंजन, सरकार ने विपक्ष की आवाज को धमकाने के लिए उठाया क्रूर कदम 

इसी बीच मल्लिकार्जुन खड़गे ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में सीट विवाद को लेकर कहा कि प्रोटोकॉल के तहत फडणवीस कैसे आएं, मुख्यमंत्री शिंदे भी पहले पंक्ति में कैसे आ गए ? आप अपने लोगों को आगे बैठाते हो और एक मान्यता प्राप्त विपक्षी नेता को नजरअंदाज कर देते हो तो यह ठीक नहीं है।

इससे पहले अधीर रंजन चौधरी ने कांग्रेस सांसदों को निलंबित किए जाने के मामले पर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष एक साथ है। लेकिन सरकार इस पर चर्चा करने से कतरा रही है। सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय विपक्ष की आवाज को धमकाने के लिए हमारे (चार) सांसदों को निलंबित करने का क्रूर कदम उठाया है।

पहली पंक्ति में दिया था स्थान

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है। शपथ ग्रहण समारोह गृह मंत्रालय आयोजित करता है और उसका एक वरीयता क्रम है जिसमें विपक्ष के नेता की सीट तीसरी पंक्ती में आती है।

इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष के 4 सांसदों पर गिरी गाज, GST को लेकर हुआ हंगामा, प्रह्लाद जोशी ने कही यह बात 

उन्होंने कहा था कि मल्लिकार्जुन खड़गे की वरिष्ठता और उनके पद का सम्मान करते हुए हमने उनको पहली पंक्ति में स्थान दिया था। शनिवार के विदाई समारोह में भी उनको प्रधानमंत्री की बगल वाली सीट दी गई थी लेकिन वह उस दिन नहीं आए थे।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़