आशीष मिश्रा की जमानत रद्द होने पर बोले राकेश टिकैत, अब किसानों को मिलेगा न्याय

rakesh tikait
अंकित सिंह । Apr 18, 2022 2:44PM
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता टिकैत ने ट्वीट किया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा मंत्री के पुत्र आशीष की जमानत रद्द करने से किसानों में न्याय की उम्मीद जगी है। उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित किसानों की सुरक्षा-मुआवजा-न्याय दिलाने का काम करे। बेगुनाह किसानों को जेल से निकलवाए। पूर्ण न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
नोएडा। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा के बेल को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही 1 हफ्ते में सरेंडर करने का भी निर्देश दिया। इसी को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है। राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी सरकार ने इस मामले पर जो तथ्य थे उसे सामने नहीं रखा था इसलिए उन्हें (आशीष मिश्रा) जमानत मिली थी, आज सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द की है। उम्मीद है कि आने वाले समय में किसानों को न्याय मिलेगा। किसान नेता नेता राकेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने किसानों को न्याय की उम्मीद दी है। टिकैत ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को अब पीड़ित किसानों को सुरक्षा, मुआवजा और न्याय दिलाने के लिए काम करना चाहिए। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा मंत्री के पुत्र आशीष की जमानत रद्द करने से किसानों में न्याय की उम्मीद जगी है। उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित किसानों की सुरक्षा-मुआवजा-न्याय दिलाने का काम करे। बेगुनाह किसानों को जेल से निकलवाए। पूर्ण न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

इसे भी पढ़ें: लखीमपुर कांड: आशीष मिश्रा को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की बेल, 1 हफ्ते में सरेंडर करने को कहा

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत सोमवार को रद्द कर दी और उससे एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति सूर्यकांत व न्यायमूर्ति हिमा कोहली की विशेष पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अप्रासंगिक विचारों को ध्यान में रखा और प्राथमिकी की सामग्री को अतिरिक्त महत्व दिया। शीर्ष अदालत ने प्रासंगिक तथ्यों और इस तथ्य पर ध्यान देने के बाद कि पीड़ितों को सुनवाई का पूरा अवसर नहीं दिया गया था, गुण-दोष के आधार पर नए सिरे से सुनवाई के लिए जमानत अर्जी को भेज दिया।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़