BSF का 56 वां स्थापना दिवस आज, PM मोदी ने दी बधाई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   10:16
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BSF का 56 वां स्थापना दिवस आज, PM मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि बीएसएफ ने एक बहादुर बल के तौर पर अपनी पहचान बनाई है जो देश की रक्षा करने और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिकों की सहायता करने की अपनी प्रतिबद्धता को लेकर अडिग है।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के स्थापना दिवस पर उसे बधाई दी और कहा कि भारत को देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करने वाले इस बल पर गर्व है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि बीएसएफ ने एक बहादुर बल के तौर पर अपनी पहचान बनाई है जो देश की रक्षा करने और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिकों की सहायता करने की अपनी प्रतिबद्धता को लेकर अडिग है। बीएसएफ की एक दिसंबर, 1965 को स्थापना की गई थी। बीएसएफ पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा और 1971 में बांग्लादेश के अस्तित्व में आने के बाद उसके साथ भी लगती सीमा की रक्षा करता है।

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बीएसएफ के जवानों को कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों समेत कई आंतरिक चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘बीएसएफ के स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर उसके कर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं। बीएसएफ ने एक बहादुर बल के तौर पर अपनी पहचान बनाई है, जो देश की रक्षा करने और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिकों की सहायता करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। भारत को बीएसएफ पर गर्व है।’’





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


तेजस्वी आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने में हुए शामिल, मुख्यमंत्री नीतीश पर लगाया लाठीचार्ज करवाने का आरोप

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   09:15
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तेजस्वी आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने में हुए शामिल, मुख्यमंत्री नीतीश पर लगाया लाठीचार्ज करवाने का आरोप

विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद 94,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सदा बेरोजगारों, छात्रों, शिक्षकों, नौजवानों और किसानों के समर्थन में हूँ और रहूँगा।

पटना। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव बुधवार की देर शाम पटना में आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने में शामिल हुए। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि इतनी ठंड में आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज करवाया गया और उनके पंडाल को उखड़वा दिया गया। 

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तेजस्वी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद 94,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि मैं सदा बेरोजगारों, छात्रों, शिक्षकों, नौजवानों और किसानों के समर्थन में हूँ और रहूँगा। विपक्ष में रहते हुए भी बेरोजगार साथियों को नौकरी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।





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केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में पारित किए कृषि कानून, सचिन पायलट बोले- किसानों की मांगें मान लेनी चाहिए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   09:07
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केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में पारित किए कृषि कानून, सचिन पायलट बोले- किसानों की मांगें मान लेनी चाहिए

पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि किसानों पर अलगाववादी, नक्सवादी होने का आरोप लगाना अन्नदाता का अपमान है। केंद्र सरकार को अड़ियल रवैया छोड़कर किसानों की मांगे मान लेनी चाहिए।

जयपुर। राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में तीनों कृषि कानूनों को पारित कराया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की मांगे मानकर तीनों कृषि कानूनों को निरस्त कर देना चाहिए। 

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पायलट ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘किसान कई हफ्तों से दिल्ली में धरने पर बैठे हैं, लेकिन केंद्र सरकार किसी की सुनने को तैयार नहीं है, ना सार्थक चर्चा करना चाहती है। ये तीनों कृषि कानून जल्दबाजी में पारित किए गए।’’ उन्होंने कहा कि किसानों पर अलगाववादी, नक्सवादी होने का आरोप लगाना अन्नदाता का अपमान है। केंद्र सरकार को अड़ियल रवैया छोड़कर किसानों की मांगे मान लेनी चाहिए।





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देश के संविधान ने पुरुष और स्त्री को दिए हैं समान अधिकार, संघ प्रमुख बोले- बालिकाओं को देना चाहिए मौका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   08:54
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देश के संविधान ने पुरुष और स्त्री को दिए हैं समान अधिकार, संघ प्रमुख बोले- बालिकाओं को देना चाहिए मौका

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि मनुष्य का सबसे पहली शिक्षक उसकी मां होती है। माता से ही उसकी शिक्षा शुरु होती है और शिक्षा के कारण ही उसका स्वभाव एवं प्रवृत्ति बनती है। माता के दिए संस्कार ही उसके जीवन का आधार बनते हैं।

मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि महिलाएं स्वभाव से ही वात्सल्य देने वाली होती हैं, इसीलिए वे समाज का भी काम पुरुषों से ज्यादा अच्छा करती हैं। संघ प्रमुख यहां वृन्दावन के केशवधाम में नवस्थापित रामकली देवी बालिका सरस्वती विद्या मंदिर के लोकार्पण अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मनुष्य का सबसे पहली शिक्षक उसकी मां होती है। माता से ही उसकी शिक्षा शुरु होती है और शिक्षा के कारण ही उसका स्वभाव एवं प्रवृत्ति बनती है। माता के दिए संस्कार ही उसके जीवन का आधार बनते हैं। इसलिए बालिका शिक्षा का महत्व और अधिक है। हमारे देश के संविधान ने भी पुरुष और स्त्री को समान अधिकार दिए हैं। लेकिन कुछ परंपराओं के नाम पर कुछ बातों ने आज भी हमारे समाज को जकड़ रखा है जिनसे मुक्त कराना बेहद जरूरी है।’’ 

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बालिका शिक्षा के महत्व पर भागवत ने कहा, ‘‘‘यह बहुत ही अच्छी बात है कि सरकार ने नई शिक्षा नीति तैयार की है। इस विद्यालय में उसका बहुत ही अच्छा प्रभाव दिखाई देगा।’’ संघ प्रमुख ने विदेशी शिक्षा पद्धति के मुकाबले देशज शिक्षा का महत्व समझाने के लिए महात्मा गांधी की गोलमेज सम्मेलन के लिए की गई इंग्लैण्ड यात्रा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि असल में अंग्रेजों ने खुद तो हमारी शिक्षा पद्धति से ज्ञान लिया लेकिन हमारे यहां ऐसी शिक्षा पद्धति थोप दी गई जिससे शिक्षा पाकर साक्षरता मात्र 17 प्रतिशत पर ही अटकी रही थी। लेकिन भारतीय शिक्षा पद्धति से 70 प्रतिशत तक पहुंच गई।





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