उद्धव ने प्लान बनाया, पवार ने ऐतराज जताया, कांग्रेस को कुछ पता ही नहीं, क्या है विधायकों को फ्लैट देने की योजना?

उद्धव ने प्लान बनाया, पवार ने ऐतराज जताया, कांग्रेस को कुछ पता ही नहीं, क्या है विधायकों को फ्लैट देने की योजना?

उद्धव ने हर विधायक को शहर में फ्लैट देने का प्लान बनाया। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मुंबई में विधायकों को घर देने के एमवीए सरकार के कदम का विरोध किया है। पवार ने कहा कि महाविकास अघाड़ी ने ये फैसला लिया है लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से इसका विरोध करता हूं।

महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के एक फैसले की खूब चर्चा हो रही है। राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हर विधायक को शहर में फ्लैट देने का प्लान बनाया। लेकिन एनसीपी के मुखिया शरद पवार को ये नागवार गुजरा और उन्होंने इसके लिए अपनी आपत्ति जताई है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मुंबई में विधायकों को घर देने के एमवीए सरकार के कदम का विरोध किया है। पवार ने कहा कि महाविकास अघाड़ी ने ये फैसला लिया है लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से इसका विरोध करता हूं। ऐसे समय में विधायकों/एमएलसी के लिए घरों पर बड़ी राशि खर्च करने की आवश्यकता पर सवाल उठाया गया है जब राज्य का कर्ज 6.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बता दें कि उद्धव ठाकरे ने 25 मार्च को विधानसभा को बताया था कि विधायकों, विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के लोगों की "कठिनाई" को देखते हुए, उनकी सरकार ने गोरेगांव में विधायकों को 300 घर उपलब्ध कराने का फैसला किया था।

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क्या है उद्धव का प्लान

विधायिका सचिव के रिकॉर्ड के अनुसार राज्य के 366 विधायकों में से (विधानसभा से 288 और परिषद से 78) में से लगभग 54 से 60 विधायक मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के हैं जबकि बाकी दूसरे हिस्सों से हैं। सीएम उन सभी विधायकों को आवास उपलब्ध कराना चाहते हैं जो मुंबई, नवी मुंबई या ठाणे के निवासी नहीं हैं। ठाकरे का तर्क था कि ग्रामीण इलाकों के कई विधायक मुंबई में एक घर नहीं खरीद सकते हैं, और राज्य को उच्च आय वर्ग के घरों का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरी परियोजना म्हाडा द्वारा पूरी की जाएगी।

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कांग्रेस को कोई जानकारी नहीं

भाजपा के एक विधायक ने कहा कि एमवीए से विपक्ष में जाने की संभावना से चिंतित ठाकरे ने सत्तारूढ़ गठबंधन को बरकरार रखने का फैसला किया है। इस संबंध में सीएम और डिप्टी सीएम अजीत पवार और आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड जैसे एमवीए मंत्रियों द्वारा दिए गए बयानों के विपरीत राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि उन्हें विधायकों को घर/फ्लैट देने के राज्य के किसी भी फैसले की जानकारी नहीं है। चव्हाण की टिप्पणी उस्मानाबाद में तुलजापुर मंदिर की अपनी यात्रा के दौरान आई। आव्हाड ने कुछ दिन पहले कहा था कि मकान मुफ्त नहीं दिए जाएंगे लेकिन जो भी विधायक फ्लैट चाहता है उसे 70 लाख रुपये देने होंगे। अजित पवार ने कहा था कि जिन विधायकों का अपना या उनकी पत्नी के नाम पर कोई घर पंजीकृत नहीं है, उन्हें मकान दिए जाएंगे। जबकि इससे इतर चव्हाण ने कहा, 'मुझे विधायकों को घर देने के किसी फैसले की जानकारी नहीं है और ऐसा होने वाला भी नहीं है। विपक्ष बेवजह इसे मुद्दा बना रहा है 





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