Matrubhoomi: क्या आप जानते हैं विश्व के सबसे बड़े संविधान के रोचक अज्ञात तथ्यों के बारे में ?

Matrubhoomi: क्या आप जानते हैं विश्व के सबसे बड़े संविधान के रोचक अज्ञात तथ्यों के बारे में ?
प्रतिरूप फोटो

भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। संविधान प्रारूप समिति की बैठकें 114 दिनों तक चली थी और संविधान के निर्माण में करीब 3 वर्ष का समय लगा था। संविधान के निर्माण कार्य पर करीब 64 लाख रुपए खर्च हुए थे।

भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है। ऐसे में हम आपको आजादी का सही मतलब समझाने वाले लोकतंत्र के सबसे पवित्र ग्रंथ संविधान के बारे में बताने वाले हैं। 26 नवंबर को भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में हर साल राष्ट्रीय संविधान दिवस, संविधान दिवस या राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत का संविधान 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था और 26 नवंबर 1950 को लागू हुआ था। 

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राष्ट्रीय संविधान दिवस 2015 से पहले नहीं मनाया गया था। 19 नवंबर, 2015 को, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नागरिकों के बीच संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए हर साल 26 नवंबर को राष्ट्रीय संविधान दिवस के रूप में मनाने के सरकार के फैसले को अधिसूचित किया और डॉ भीम राव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि दी गई। आपको अपने संविधान के बारे में और भी बहुत कुछ जानना चाहिए।

दस्तावेज़ भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करता है, अपने नागरिकों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता का आश्वासन देता है और बंधुत्व को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।

भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। संविधान प्रारूप समिति की बैठकें 114 दिनों तक चली थी और संविधान के निर्माण में करीब 3 वर्ष का समय लगा था। संविधान के निर्माण कार्य पर करीब 64 लाख रुपए खर्च हुए थे और इसके निर्माण कार्य में कुल 7635 सूचनाओं पर चर्चा की गई थी।

रोचक तथ्य:-

भारतीय संविधान का सुझाव किसने दिया था ?

एम.एन. रॉय ने सबसे पहले साल 1934 में संविधान सभा बनाने का विचार रखने वाले पहले व्यक्ति थे और साल 1935 में राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसकी आधिकारिक मांग की। 

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भारत का संविधान किसने लिखा था?

भारत का संविधान न तो मुद्रित है और न ही टाइप किया हुआ है। हमारा संविधान हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में हस्तलिखित और सुलेखित है। यह प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा द्वारा हस्तलिखित था और उनके द्वारा देहरादून में प्रकाशित किया गया था।

शांतिनिकेतन के कलाकारों ने हर पृष्ठ को किया था अलंकृत

राममनोहर सिन्हा और नंदलाल बोस सहित शांतिनिकेतन के कलाकारों ने हस्तलिखित भारतीय संविधान के हर पृष्ठ को अलंकृत किया था।

विश्व का सबसे बड़ा संविधान कौन सा है?

क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे बड़ा संविधान किस देश का है ? 1,17,369 शब्दों के साथ भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है। जबकि मोनाका का संविधान सबसे छोटा संविधान है, जो 3,814 शब्दों वाला है।

भारत के संविधान को बनने में कितना समय लगा?

भारत के संविधान को बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का कुल समय लगा था। मोटा मोटी में इसे 3 साल गिन दिया जाता है।

1950 में 2021 तक का सफर

भारत के मूल संविधान में 22 भाग 8 अनुसूची एवं 395 अनुच्छेद थे। वर्तमान में संविधान में 25 भाग, 12 अनुसूचियां एवं 370 अनुच्छेद हैं और भारत के संविधान में 104 संशोधन किए जा चुके हैं।

भारत शासन अधिनियम 1935 ?

भारत के वर्तमान संविधान का प्रमुख स्त्रोत 1935 का अधिनियम है।

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक ?

भारत सरकार ने 26 जनवरी, 1950 को सारनाथ स्थित अशोक स्तम्भ के शीर्ष को अनुकृति को राज चिन्ह के रूप में स्वीकृत किया। अशोक स्तम्भ में मौजूद चार शेर शक्ति, साहस, गर्व और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। लेकिन दिखाई तीन शेर ही देते हैं। 

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डॉ. भीमराव अंबेडकर संविधान को जलाना क्यों चाहते थे?

छोटे समुदायों और छोटे लोगों को यह डर रहता है कि बहुसंख्यक उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं और ब्रितानी संसद इस डर को दबा कर काम करती है। श्रीमान, मेरे मित्र मुझसे कहते हैं कि मैंने संविधान बनाया है। पर मैं यह कहने के लिए पूरी तरह तैयार हूं कि इसे जलाने वाला मैं पहला व्यक्ति होउंगा। मुझे इसकी जरूरत नहीं। यह किसी के लिए अच्छा नहीं है। पर, फिर भी यदि हमारे लोग इसे लेकर आगे बढ़ना चाहें तो हमें याद रखना होगा कि एक तरफ बहुसंख्यक हैं और एक तरफ अल्पसंख्यक। और बहुसंख्यक यह नहीं कह सकते कि नहीं, नहीं, हम अल्पसंख्यकों को महत्व नहीं दे सकते क्योंकि इससे लोकतंत्र को नुकसान होगा। मुझे कहना चाहिए कि अल्पसंख्यकों को नुकसान पहुंचाना सबसे नुकसानदेह होगा। यह संबोधन खुद डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कही थी।

महिलाओं को वोट देने का अधिकार

भारत के संविधान के लागू होने के बाद ही भारतीय महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला।

संविधान का 42वां संशोधन

42वें संशोधन ने प्रस्तावना में भी संशोधन किया और भारत के विवरण को 'संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य' से 'संप्रभु, समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य' में बदल दिया, और 'राष्ट्र की एकता' शब्दों को 'राष्ट्र की एकता और अखंडता' में भी बदल दिया।

104वां संशोधन क्या है?

104 वां संशोधन 25 जनवरी, 2020 को प्रभावी हुआ। इस संशोधन ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के लिए सीटों के आरक्षण की समाप्ति की समय सीमा को 10 वर्ष की अवधि के लिए बढ़ा दिया। भारत के संविधान में 95वें संशोधन के अनुसार आरक्षण 26 जनवरी, 2020 को समाप्त होने वाला था।

भारतीय संविधान में सबसे पहले किसने दस्तखत किए थे ?

देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के संविधान पर हस्ताक्षर करने वाले पहले व्यक्ति बने। जबकि संविधान सभा के तत्कालीन अध्यक्ष फिरोज गांधी इस पर हस्ताक्षर करने वाले अंतिम व्यक्ति थे।

भारतीय संविधान का हृदय और आत्मा किसे कहा जाता है?

अनुच्छेद 32 को भारत के संविधान का हृदय और आत्मा माना जाता है। यह संवैधानिक उपचार के अधिकार के बारे में बात करता है।





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