Unlock 5 के 26वें दिन देश में कोरोना संबंधी मृत्युदर 1.50 प्रतिशत, 22 मार्च के बाद सबसे कम

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मंत्रालय ने कहा कि राजस्थान, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, ओडिशा, असम और केरल सहित 14 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में कोविड-19 संबंधी मृत्युदर एक प्रतिशत से कम है। इसने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रभावी रोकथाम रणनीति, जांच क्षमता में वृद्धि और बेहतर स्तर के चिकित्सकीय प्रबंधन मानकों की वजह से मौत के नए मामलों में काफी कमी आई है।

नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत में कोविड-19 संबंधी मृत्युदर घटकर 1.50 प्रतिशत रह गई है जो 22 मार्च के बाद सबसे कम है। इसने कहा कि इसका श्रेय अस्पतालों में भर्ती मरीजों से संबंधित मामलों का चिकित्सकीय प्रबंधन करने के केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बेहतर प्रयासों को जाता है। मंत्रालय ने कहा कि राजस्थान, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, ओडिशा, असम और केरल सहित 14 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में कोविड-19 संबंधी मृत्युदर एक प्रतिशत से कम है। इसने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रभावी रोकथाम रणनीति, जांच क्षमता में वृद्धि और बेहतर स्तर के चिकित्सकीय प्रबंधन मानकों की वजह से मौत के नए मामलों में काफी कमी आई है। मंत्रालय द्वारा आज सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 500 से कम (480)लोगों की महामारी के चलते मौत हुई है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत विश्व में सबसे कम मृत्युदर वाले देशों में शामिल है। 22 मार्च के बाद मृत्युदर सबसे कम है और यह लगातार कम हो रही है।’’

इसने रेखांकित किया कि चार मई को महामारी संबंधी मृत्युदर 3.23प्रतिशत थी। मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 प्रबंधन और प्रतिक्रिया नीति के तहत केंद्र ने न सिर्फ बीमारी के प्रसार को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया है, बल्कि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराकर जीवन बचाने और मौत के मामलों में कमी लाने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। इसने कहा कि केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के रूप में निकला है। वर्तमान में 2,218 समर्पित कोविड अस्पताल गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखरेख उपलब्ध करा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मौत के मामलों में कमी लाने के उद्देश्य से गंभीर स्थिति वाले मरीजों के चिकित्सकीय प्रबंधन में आईसीयू डॉक्टरों की क्षमताओं में वृद्धि के लिए एम्स नयी दिल्ली ने ई-आईसीयू की शुरुआत की है। राज्यों के अस्पतालों में गहन चिकित्सा कक्षों (आईसीयू)में कार्यरत डॉक्टरों के लिए सप्ताह में दो बार मंगलवार और शुक्रवार को विशेषज्ञों द्वारा टेली/वीडियो सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों की शुरुआत आठ जुलाई से हुई और आज की तारीख तक 25 टेली सत्र आयोजित हो चुके हैं जिनमें 34राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 393 संस्थान शामिल हुए हैं। इसके अतिरिक्त कई राज्यों ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी न किसी बीमारी से पीड़ित लोगों जैसी संवेदनशील आबादी की पहचान के लिए आबादी सर्वेक्षण कराए हैं। इसके चलते मोाबइल ऐप जैसे प्रौद्योगिकी समाधानों की मदद से अधिक जोखिम वाली आबादी पर लगातार निगरानी रखना सुनिश्चित हुआ है जिससे मामलों की शुरू में ही पहचान करने, समय पर उपचार उपलब्ध कराने और मृत्युदर में कमी सुनिश्चित करने में मदद मिली है। मंत्रालय ने कहा कि जमीनी स्तर पर आशा और एएनएम जैसे अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रवासी आबादी के प्रबंधन और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता फैलाने में सराहनीय कार्य किया है। 

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इसने रेखांकित किया कि परिणामस्वरूप 14 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में महामारी संबंधी मृत्युदर एक प्रतिशत से कम है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण को 59,105 लोगों ने मात दी, जबकि इसी अवधि में संक्रमण के 45,148 नए मामले सामने आए। इसने रेखांकित किया कि देश में अब तक 71,37,228 लोग महामारी को मात देकर ठीक हो चुके हैं। इसके साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 90.23 प्रतिशत हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि भारत में उपचाराधीन मामलों में धीरे-धीरे लगातार कमी आ रही है। वर्तमान में उपचाराधीन मामले कुल मामलों के मुकाबले 8.26 प्रतिशत हैं और इनकी संख्या 6,53,717 है। यह 13 अगस्त के बाद सबसे कम है जब उपचाराधीन मामलों की संख्या 6,53,622 थी। रोगियों के ठीक होने के मामलों में से 78 प्रतिशत मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों-कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से हैं। भारत में सात अगस्त को संक्रमित लोगों की संख्या 20 लाख के पार चली गई थी, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को संक्रमित लोगों की संख्या 40 लाख के पार चली गई थी। वहीं, कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख के पार, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 25 अक्टूबर तक कुल 10,34,62,778 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई, जिनमें से 9,39,309 नमूनों का परीक्षण रविवार को ही किया गया। आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिन 480 लोगों की मौत हुई, उनमें से सबसे अधिक 112 लोग महाराष्ट्र के थे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के 60, दिल्ली के 33, कर्नाटक के 32, तमिलनाडु के 31 और उत्तर प्रदेश के 28 लोग थे। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में महामारी से अब तक कुल 1,19,014 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से महाराष्ट्र में 43,264, तमिलनाडु के 10,924, कर्नाटक के 10,905 , उत्तर प्रदेश के 6,882, आंध्र प्रदेश के 6,587, पश्चिम बंगाल के 6,487 , दिल्ली के 6,258 , पंजाब के 4,117 और गुजरात में 3,686 लोगों की मौत हुई है।

मेघालय में कोरोना वायरस संक्रमण के 57 नए मामले

मेघालय में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 48 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 9,066 हो गई। स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमन वार ने कहा कि सोमवार को कोविड-19 के 139 मरीज स्वस्थ हुए जिसके साथ ही राज्य में अबतक इस महामारी के 7471 रोगी ठीक हो चुके हैं। मेघालय में अभी कोविड-19 के 1,514 मरीजों का इलाज चल रहा है। अब तक 81 मरीजों की मौत हो चुकी है। वार के मुताबिक राज्य में अबतक 1.98 लाख नमूनों का कोविड-19 परीक्षण किया जा चुका है।

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कोविड-19 संक्रमित 21 और लोगों की मौत, 1814 नए मरीज सामने आए

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 संक्रमित 21 और लोगों की मौत हो गई तथा 1814 नए मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सोमवार को बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कोविड-19 संक्रमित 21 और लोगों की मौत होने के साथ राज्य में अब तक इस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 6902 हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में 1814 नए मरीजों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि की गई है। प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में इस वक्त 26,652 कोविड-19 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को प्रदेश में 1,12,000 नमूनों की जांच की गई। राज्य में अब तक एक करोड़ 41 लाख से ज्यादा नमूनों की जांच की जा चुकी है। अपर मुख्य सचिव ने लोगों से अपील की कि कोविड-19 संक्रमण के मामले भले ही कम हो रहे हों लेकिन ऐसे वक्त में और ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है। लोगों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ना आने पाए।

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मुंबई के धारावी में कोरोना वायरस संक्रमण के आठ नए मामले

मुंबई के झुग्गी-बस्ती क्षेत्र धारावी में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के आठ नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 3,497 तक पहुंच गई। बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। धारावी में 24 और 25 अक्टूबर को संक्रमण के छह-छह मामले सामने आए थे। अधिकारी ने कहा कि धारावी के 3,047 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। फिलहाल इस क्षेत्र में 142 मरीज उपचाराधीन हैं। बीएमसी धारावी से जुड़े मौत के मामलों की जानकारी साझा नहीं करती है। करीब 2.5 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैली इस बस्ती की आबादी 6.5 लाख से अधिक है।

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बिहार में कोरोना वायरस से नौ और मरीजों की मौत, संक्रमितों की संख्या बढकर 2,12,705 हुयी

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटों के दौरान नौ और मरीजों की मौत हो जाने से सोमवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 1058 हो गयी। वहींसंक्रमण के 513 नए मामले सामने आने से प्रदेश में संक्रमित लोगों की संख्या 2,12,705 तक पहुंच गयी। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण से दरभंगा में चार तथा भागलपुर, मधुबनी, सारण, सीतामढी एवं सुपौल जिले में एक-एक मरीज की मौत हो गयी। राज्य में पिछले 24 घंटों के भीतर 1,24,501 नमूनों की जांच की गयी और कोरोना वायरस संक्रमित 1,087 मरीज ठीक हुए।

 

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आंध्र प्रदेश में तीन महीने बाद कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे कम 1,901 मामले सामने आए

आंध्र प्रदेश में बीते तीन महीने से अधिक समय बाद पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे कम 1,901 मामले सामने आए हैं। ताजा बुलेटिन के अनुसार सोमवार सुबह नौ बजे से पहले के 24 घंटों के दौरान राज्य में 3,972 लोग संक्रमण से उबरे हैं जबकि 19 और रोगियों की मौत हो गई है। राज्य में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या8,08,924 है। इनमें से कुल 7,73,548 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं।6,606की मौत हो चुकी है। बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य में इलाजरत रोगियों की संख्या अब 28,770 रह गई है। 

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