के जी सुरेश को 'फेक न्यूज' शब्द से परहेज, बोले- न्यूज फेक नहीं हो सकती, हम उसे 'फेक कंटेंट' कह सकते हैं

KG Suresh
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं सचार विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर के जी सुरेश ने कहा कि आज के समय में कोरोना का संकट तो है ही लेकिन ज्यादा बड़ा संकट विश्वसनीयता का है।
नयी दिल्ली। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं सचार विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर के जी सुरेश ने प्रभासाक्षी की 19वीं वर्षगाँठ पर सभी को बधाइयां दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिन्दी डिजिटल मीडिया का पर्यायवाची बन गया है प्रभासाक्षी।

के जी सुरेश ने कहा कि आज के समय में कोरोना का संकट तो है ही लेकिन ज्यादा बड़ा संकट विश्वसनीयता का है। उन्होंने कहा कि मुझे फेक न्यूज शब्द से परहेज है। उन्होंने कहा कि अगर यह गलत है तो वह खबर नहीं है और अगर वह खबर है तो वह फेक नहीं हो सकती है। कोई कुछ भी गलत जानकारी चला देता है तो हम उसे फेक न्यूज कह देते है जबकि उसके स्थान पर गलत सूचना कह सकते है। 

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उन्होंने कहा कि इस वक्त पत्रकारिता में एक्टिविजम बहुत है जबकि फैक्टिजम की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब हमने पत्रकारिता की शुरुआत की तो तटस्थता, निष्पक्षता और स्पीड पर काम करते थे। इसी के साथ उन्होंने कहा कि हमें निष्पक्ष खबरों को पढ़ने के लिए निष्पक्ष वेबसाइट्स को सपोर्ट करना चाहिए और उन्हें सब्सक्राइब करना चाहिए। 


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