उपेंद्र कुशवाहा बोले, दक्षिणपंथी उग्रवाद पर रोक लगाएं प्रधानमंत्री

upendra-kushwaha-says-the-prime-minister-will-stop-the-right-wing-extremism
कुशवाहा ने कहा कि यह प्रवृति खतरनाक है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर रोक लगाने के लिए कहा था लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। सरकार को इस पर फौरन ध्यान देने की जरूरत है।

पटना। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने हाल में झारखंड और पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग पर गहरी चिंता जताई और इसे दक्षिणपंथी उग्रवाद की संज्ञा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे दक्षिणपंथी उग्रवाद पर काबू पाने के लिए तत्काल कदम उठाएं। रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक द्वारा आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुशवाहा पहले भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताते हुए जरूरी कार्रवाई करने की गुहार कर चुके हैं।

कुशवाहा ने कहा कि यह प्रवृति खतरनाक है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर रोक लगाने के लिए कहा था लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। सरकार को इस पर फौरन ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की बात तो कही लेकिन उनके इस नारे की धज्जियां दक्षिणपंथी उग्रवादी लगातार उड़ा रहे हैं और प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री चुप हैं। उन्हें अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।

इसे भी पढ़ें: नेहरू को मोदी ने किया याद, बोले- राष्ट्र निर्माण के लिए कर्तव्य के मार्ग पर चलें

कुशवाहा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को तीन तलाक की शिकार महिलाओं की तो बड़ी फिक्र है लेकिन उन मुस्लिम महिलाओं की नहीं जिनके पतियों को दक्षिणपंथी गुंडे हत्या कर विधवा बना रहे हैं। उन्होंने सरकार से कहा है कि सरकार को तत्काल जल्द कड़े कदम उठाने चाहिए ताकि देश का हर नागरिक खुद को सुरक्षत महसूस कर सके।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़