Red Fort पर पहली बार गूंजेगा 'वंदे मातरम', जानिए क्यों 80वां Independence Day युवाओं और Innovation के नाम होगा

कार्यक्रम के नए क्रम के बारे में बताते हुए रक्षा सचिव आरके सिंह ने कहा कि यह पहली बार है जब हम इस क्रम का पालन कर रहे हैं। क्रम यह है कि वे (प्रधानमंत्री मोदी) प्राचीर पर पहुंचेंगे, फिर राष्ट्रगीत बजाया जाएगा और सभी लोग खड़े रहेंगे। इसके बाद, वे झंडा फहराएंगे और राष्ट्रगान बजाया जाएगा। इस खास मौके के जश्न में 'युवा शक्ति' पर खास ज़ोर दिया जाएगा और छात्रों व युवा नागरिकों की कामयाबी और योगदान को सम्मानित किया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि भारत अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके की तैयारी कर रहा है। इस दौरान लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर पर पहली बार कुछ ऐतिहासिक होने जा रहा है, साथ ही युवा शक्ति पर खास ध्यान दिया जाएगा और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा। 15 अगस्त को होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में एक बड़ा बदलाव करते हुए, लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाया जाएगा।
कार्यक्रम के नए क्रम के बारे में बताते हुए रक्षा सचिव आरके सिंह ने कहा कि यह पहली बार है जब हम इस क्रम का पालन कर रहे हैं। क्रम यह है कि वे (प्रधानमंत्री मोदी) प्राचीर पर पहुंचेंगे, फिर राष्ट्रगीत बजाया जाएगा और सभी लोग खड़े रहेंगे। इसके बाद, वे झंडा फहराएंगे और राष्ट्रगान बजाया जाएगा। इस खास मौके के जश्न में 'युवा शक्ति' पर खास ज़ोर दिया जाएगा और छात्रों व युवा नागरिकों की कामयाबी और योगदान को सम्मानित किया जाएगा।
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युवाओं की इनोवेशन की यह भावना राजधानी से कहीं आगे तक फैली हुई है। पूरे देश में, युवा भारतीय स्टार्टअप—जैसे कि हैदराबाद में T-Works जैसे इनोवेशन और प्रोटोटाइपिंग हब से मदद पाने वाले स्टार्टअप बड़े बदलाव ला रहे हैं। सिर्फ़ सरकारी स्पेस संस्थानों से आगे बढ़कर, युवा इंजीनियर सस्ती स्पेस टेक्नोलॉजी विकसित कर रहे हैं और स्पेस मलबे जैसी अहम ऑर्बिटल चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, साथ ही प्रोटोटाइप को सफलतापूर्वक बाज़ार के लिए तैयार इनोवेशन में बदल रहे हैं।
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दिल्ली में युवाओं के इस बड़े जश्न के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए—कि क्या यह हालिया युवा प्रदर्शनों के जवाब में उठाया गया कदम था। रक्षा सचिव सिंह ने साफ़ तौर पर कहा कि यह पहल पहले से ही तय थी। आज़ादी दिवस के जश्न में युवाओं की कामयाबी और योगदान का सम्मान करने की योजना किसी भी अन्य कार्यक्रम से पहले ही बन गई थी।
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