काम नहीं आया लालू का दांव-पेंच, हंगामे के बीच बिहार विधानसभा के स्पीकर बने विजय सिन्हा

काम नहीं आया लालू का दांव-पेंच, हंगामे के बीच बिहार विधानसभा के स्पीकर बने विजय सिन्हा

नतीजों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने स्पीकर को उनकी कुर्सी तक पहुंचाया और बधाई भी दी। लेकिन इससे पहले स्पीकर के चयन प्रक्रिया को लेकर महागठबंधन ने भारी बवाल किया था।

बिहार विधानसभा में अध्यक्ष पद के लिए एनडीए के प्रत्याशी विजय सिन्हा की जीत हुई है। भारी हंगामे के बीच आज विधानसभा के स्पीकर पद का चुनाव हुआ और एनडीए के प्रत्याशी विजय सिन्हा बाजी मार गए। इस दौरान महागठबंधन के विधायकों ने भारी हंगामा किया और गुप्त मतदान कराने की अपील भी की। हालांकि इसे ठुकरा दिया गया स्पीकर के चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार को 126 वोट मिले जबकि महागठबंधन को 114 वोट मिले। आज इस बात को लेकर भी हंगामा हुआ कि लालू यादव ने भाजपा विधायक को फोन कर स्पीकर के चुनाव के दौरान अनुपस्थित रहने के लिए कहा था। माना जा रहा है कि लालू यादव रांची जेल में ही बैठकर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाने की कवायद में जुटे हुए हैं जिसके लिए वह एनडीए के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि नतीजों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने स्पीकर को उनकी कुर्सी तक पहुंचाया और बधाई भी दी। लेकिन इससे पहले स्पीकर के चयन प्रक्रिया को लेकर महागठबंधन ने भारी बवाल किया था। बिहार विधानसभा में राजद विधायकों ने स्पीकर चुनाव में ध्वनि मत का विरोध करते हुए हंगामा किया। राजद MLA तेजस्वी यादव कहते हैं, "ये आपका दायित्व है महोदय की सदन की कार्रवाई नियमावली के अनुसार चले। जब तक दूसरे सदन के सदस्य बाहर नहीं जाएंगे, ये तो बेईमानी है।" इस पर प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने कहा, "इसी सदन में ये भी बात देखी गई है कि जब माननीय राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थी, तब पार्लियामेंट मेंबर माननीय लालू जी भी उपस्थित थे।"





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।