बिचौलियों के जरिये नौकरी देने के विरोध में कश्मीर की सड़कों पर उतरे वोकेशनल ट्रेनर्स/टीचर्स

Vocational Teachers protest
Prabhasakshi
प्रभासाक्षी के साथ बातचीत में जम्मू-कश्मीर वोकेशनल ट्रेनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने वोकेशनल ट्रेनिंग पार्टनर्स का विरोध करते हुए कहा कि उन निजी कंपनियों को हटाया जाना चाहिए जिनके माध्यम से हमें काम दिया जाता है।

जम्मू-कश्मीर के विभिन्न उच्च माध्यमिक विद्यालयों में काम कर रहे व्यावसायिक प्रशिक्षकों का श्रीनगर में चौथे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी है। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों से श्रीनगर आये व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने प्रेस इंक्लेव में धरना दिया हुआ है। इन लोगों की स्थानीय प्रशासन से मांग है कि इनकी पक्की नौकरी का इंतजाम किया जाये। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले छह सालों से इनकी तरक्की और वेतन वृद्धि भी रुकी हुई है जिससे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभासाक्षी के साथ बातचीत में जम्मू-कश्मीर वोकेशनल ट्रेनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने वोकेशनल ट्रेनिंग पार्टनर्स का विरोध करते हुए कहा कि उन निजी कंपनियों को हटाया जाना चाहिए जिनके माध्यम से हमें काम दिया जाता है। इन सभी का कहना है कि हम सरकार के अधीन काम करना चाहते हैं ना कि किसी बिचौलिये के जरिये। आइये देखते हैं यह लोग अपनी मांगों के समर्थन में और निजी कंपनियों के खिलाफ क्या कह रहे हैं।

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लोगों ने कहा कि अधिकारी उनके लिए उचित नौकरी नीति लागू नहीं कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी नीति के अलावा वे सालाना वेतन वृद्धि चाहते हैं और उन निजी कंपनियों को हटाना चाहते हैं जिसके जरिए उन्हें काम पर लगाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर में वोकेशनल ट्रेनर्स के लिए हरियाणा वाली नीति लागू करने की मांग भी की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम किसी और से ज्यादा काम कर रहे हैं। पढ़ाई हो या ऑफिस का काम, हमें सब कुछ करने के लिए कहा जाता है लेकिन जब हमारी बुनियादी मांगों की बात आती है, तो सरकार दूसरा रास्ता देखती है।

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