कमलनाथ पर बरसे शिवराज, बोले- प्रदेश सरकार छीन रही आदिवासियों का हक

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 18 2019 8:26PM
कमलनाथ पर बरसे शिवराज, बोले- प्रदेश सरकार छीन रही आदिवासियों का हक
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भोपाल के न्यू मार्केट इलाके में आदिवासियों के धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वर्षों से जिस जमीन पर गरीब आदिवासी रह रहा है और खेती कर रहा है, उस जमीन से मध्य प्रदेश सरकार उसे बेदखल कर रही है।

भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीब आदिवासियों का जल, जंगल और जमीन पर बराबर का हक है, लेकिन राज्य की कांग्रेस नीत कमलनाथ सरकार आदिवासियों से इनका यह हक छीन रही है। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितैषी होने का ढकोसला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के 15 साल के पूर्व शासन में मध्य प्रदेश में 3.5 लाख आदिवासियों के जमीन के पट्टे छीने गए हैं, जिन्हें हमारी सरकार वापस करेगी। भोपाल के न्यू मार्केट इलाके में आदिवासियों के धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि वर्षों से जिस जमीन पर गरीब आदिवासी रह रहा है और खेती कर रहा है, उस जमीन से मध्य प्रदेश सरकार उसे बेदखल कर रही है।

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उन्होंने कहा कि अगर आदिवासी का हक किसी भी सरकार ने छीनने की कोशिश की, तो सरकार को हम छोड़ेंगे नहीं। आदिवासी गरीब की जमीन को हाथ भी लगाया तो इसके अंजाम बुरे होंगे। प्रदेश के सीहोर जिले के बारेला समाज के आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के विरोध एवं आदिवासियों के जमीन के पट्टे सहित विभिन्न मांगों को लेकर यह धरना प्रदर्शन किया गया। आदिवासियों द्वारा धरना प्रदर्शन के लिए टीटी नगर में स्वीकृति ली गयी थी लेकिन आंदोलन से घबराए प्रशासन ने धरना स्थल से करीब आठ किलोमीटर दूर भदभदा के पास ही धरने में शामिल होने आए आदिवासियों के ट्रैक्टरों को रोक लिया गया, जिस पर चौहान भड़क गए और प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए वे तत्काल भदभदा पहुंचे और आदिवासियों के साथ ट्रक्टर में बैठकर धरना स्थल पर पहुंचे।

धरने के पश्चात चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलकर आदिवासियों की विभिन्न मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। चौहान ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों पर हर गरीब और आदिवासी का हक है, जिन जमीन के टुकड़ों पर आदिवासी वर्षों से खेती कर रहे थे, उन्हें भाजपा सरकार मालिकाना हक देने का काम किया। लेकिन वक्त बदलते ही अब आदिवासियों पर कांग्रेस नीत प्रदेश सरकार अत्याचार कर रही है। आदिवासियों की उन जमीनों पर वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी पहुंचकर डराने-धमकाने का काम कर रही है। वन विभाग के जिन अधिकारियों की आवाज नहीं निकलती थी। अब कमलनाथ सरकार में वह रेंजर भी डेंजर बन गए हैं।



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इसी बीच, मध्यप्रदेश के जनसंपर्क तथा विधि एवं विधायी कार्य मंत्री पी सी शर्मा ने चौहान के आरोपों को निराधार बताते हुए यहां संवाददाताओं को बताया कि असलियत में मध्य प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने प्रदेश के साढ़े तीन लाख आदिवासियों के जमीन के पट्टे छीने हैं। कमलनाथ के नेतृत्व वाली हमारी सरकार उन्हें इन पट्टों को वापस देगी। हालांकि शर्मा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के बाद ये पट्टे आदिवासियों को दिए जाएंगे।



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