पश्चिम बंगाल में महा-मंत्रिमंडल विस्तार: शुभेंदु अधिकारी सरकार में 35 नए मंत्री लेंगे शपथ; ममता राज के अंत के बाद नया समीकरण

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत पहले मंत्रिमंडल का सोमवार को विस्तार होगा और 35 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में आज (सोमवार) एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली पहली सरकार के मंत्रिमंडल का आज भव्य विस्तार होने जा रहा है, जिसमें कुल 35 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बड़े विस्तार के साथ ही बंगाल की नई 'राष्ट्रवादी सरकार' के पूर्ण मंत्रिपरिषद का गठन पूरा हो जाएगा। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल आर. एन. रवि आज पूर्वाह्न 11 बजे कोलकाता के लोक भवन में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
इसे भी पढ़ें: Malaysia का बड़ा कदम! 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध
उन्होंने कहा था, ‘‘मंत्रिमंडल विस्तार के तहत पश्चिम बंगाल सरकार के 35 मंत्री पूर्वाह्न 11 बजे लोक भवन में शपथ लेंगे। राज्यपाल आर. एन. रवि लोक भवन में उन्हें पद की शपथ दिलाएंगे।’’ शुभेंदु ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में नौ मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शुभेंदु के साथ भाजपा विधायकों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।
इसे भी पढ़ें: Iran-US Peace Talks | ईरान-अमेरिका शांति वार्ता पर अटकलें खारिज, विदेश मंत्री अब्बास अराघची बोले- 'बातचीत जारी है, लेकिन अंतिम फैसला अभी दूर'
मंत्रिपरिषद में 35 विधायकों को शामिल किए जाने के बाद मंत्रियों की कुल संख्या 41 हो जाएगी जो 294 सदस्यीय विधानसभा में किसी सरकार के लिए मंत्रियों की अधिकतम संख्या से तीन कम है। छह सदस्यीय मौजूदा मंत्रिमंडल भाजपा के सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के प्रयास को दर्शाता है जिसमें ब्राह्मण, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। हाल में संपन्न चुनावों में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 208 सीट हासिल की थीं। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हो गया और भाजपा ने पूर्वी भारत में अपनी सबसे बड़ी चुनावी सफलता दर्ज की।
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
अन्य न्यूज़















