भारत बनेगा पोत निर्माण का वैश्विक केंद्र, Rajnath Singh ने बंगाल में 3,500 करोड़ की योजनाओं की रखी नींव

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलकाता में जीआरएसई और यंत्र इंडिया लिमिटेड की करीब 3,500 करोड़ रुपये की पांच विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला रखी। ये परियोजनाएं राज्य में औद्योगिक विकास और रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और एमएसएमई क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कोलकाता से ऑनलाइन माध्यम से 'गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स' और 'यंत्र इंडिया लिमिटेड' की पांच विस्तार योजनाओं की आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम में उनके साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। इन परियोजनाओं में जीआरएसई की तीन और 'यंत्र इंडिया' की दो विस्तार योजनाएं शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इन पांच परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा, "भारत में पोत निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने की पूरी क्षमता है। वैश्विक जहाज निर्माण उद्योग में एक शून्यता आ रही है और भारत इस मौके का पूरा फायदा उठा सकता है।"
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Defence Minister Rajnath Singh and CM Suvendu Adhikari attend 'Bhumi Pujan Samaroh' for GRSE (Garden Reach Shipbuilders & Engineers) Ltd and YIL (Yantra India Limited) facilities pic.twitter.com/bpLFx8bWlH
— ANI (@ANI) August 23, 2026
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विकास के नए दौर की शुरुआत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये नई परियोजनाएं राज्य में विकास के एक नए दौर की शुरुआत करेंगी। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में कारखानों के बंद होने और तालाबंदी की खबरों की जगह अब नई परियोजनाओं की शुरुआत ने ले ली है।" ये परियोजनाएं न सिर्फ रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देंगी, बल्कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी लाएंगी।
जीआरएसई की क्षमता में होगा बड़ा इजाफा
कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि जीआरएसई ने युद्धपोत बनाने और उनकी मरम्मत करने की अपनी क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह कोलकाता के साथ लीज समझौता किया है। इस समझौते के तहत हुगली नदी के दोनों किनारों पर दो छोटे शिपयार्ड और रायचक में नदी के किनारे 32 एकड़ जमीन ली गई है।
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रोजगार और एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारी ने आगे बताया कि ये परियोजनाएं जीआरएसई की कार्य क्षमता को मजबूत करेंगी। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इन परियोजनाओं से राज्य के औद्योगिक माहौल को फिर से खड़ा करने में मदद मिलेगी और सहायक उद्योगों, खासकर एमएसएमई सेक्टर को काम के अधिक अवसर मिलेंगे।
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