जम्मू कश्मीर में जो हुआ वह लोकतंत्र से खिलवाड़ है: शत्रुघ्न सिन्हा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 22, 2018   19:39
जम्मू कश्मीर में जो हुआ वह लोकतंत्र से खिलवाड़ है: शत्रुघ्न सिन्हा

भाजपा सांसद सिन्हा ने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा, “मेरे लिए राम मंदिर का मुद्दा सही मायनों में ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ का मुद्दा है या हितों के टकराव का मुद्दा है।

प्रयागराज। भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग किए जाने को लोकतंत्र से खिलवाड़ बताते हुए बृहस्पतिवार को यहां कहा कि कश्मीर में जो हुआ है वह नहीं होना चाहिए था। वह यहां आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और अपना दल की नेता कृष्णा पटेल के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। आगामी लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में राजग के दोबारा सत्तासीन होने की संभावना पर सिन्हा ने कहा, “मैं ज्योतिषी नहीं हूं, लेकिन मैं पूरे देश में घूमता रहा हूं और अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि बहुत कठिन है डगर पनघट की।”

भाजपा सांसद सिन्हा ने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा, “मेरे लिए राम मंदिर का मुद्दा सही मायनों में ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ का मुद्दा है या हितों के टकराव का मुद्दा है। इतना जरूर कहना चाहूंगा कि मेरे लिए मानव मंदिर का निर्माण सबसे अहम है। मानवता का निर्माण जिसमें रोजगार, स्वास्थ्य, तरक्की, खुशहाली आदि शामिल हैं।” मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के फैसले की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, “जो अभूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी नहीं सोचा, वह (नोटबंदी) आपने तुगलकी फरमान जारी करके रातों रात कर दिया। महिलाओं ने सालों से जो पैसा जमा करके रखा था उसे आपने हवा हवाई कर दिया। हमारे मजदूर, नौजवान, छोटे दुकानदार पूरी तरह ध्वस्त हो गए।”

उन्होंने कहा, “अचानक की गई नोटबंदी से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि अचानक नीम पर करेला चढ़ा.. आपने एक देश, एक कर के नाम पर जीएसटी ला दिया। इस मामले में न काउंसलिंग दी, न ट्रेनिंग दी। कोई तो चाहिए बोलने वाला।”





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।