किसान-छात्र और युवा...CJP नेताओं ने राकेश टिकैत संग मिलकर क्या प्लान बनाया?

रांका और CJP के कई अन्य नेताओं के साथ-साथ टिकैत और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के सदस्य भी शामिल हुए। CJP के अनुसार, बातचीत का मुख्य विषय किसानों, छात्रों और युवाओं को एक साझा मंच पर लाने की भविष्य की रणनीति बनाना था। बैठक के बाद रंका ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि वह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ एक बड़ा गठबंधन बना पाएगा।
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने किसान नेता राकेश टिकैत से संपर्क किया, ताकि किसानों, छात्रों और युवाओं का एक संयुक्त मोर्चा बनाया जा सके। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका, जिन्होंने टिकैत से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी समूह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को चारों तरफ से घेर लेंगे। इस बैठक में रांका और CJP के कई अन्य नेताओं के साथ-साथ टिकैत और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के सदस्य भी शामिल हुए। CJP के अनुसार, बातचीत का मुख्य विषय किसानों, छात्रों और युवाओं को एक साझा मंच पर लाने की भविष्य की रणनीति बनाना था। बैठक के बाद रांका ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि वह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ एक बड़ा गठबंधन बना पाएगा।
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रांका ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमारे किसान भाई और देश के छात्र व युवा मिलकर मोदी सरकार को हर तरफ से घेरने के लिए काम करेंगे। यह बैठक CJP द्वारा पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के मामलों को लेकर किए जा रहे 36 दिनों के विरोध-प्रदर्शन को स्थगित करने के कुछ दिनों बाद हुई। इससे संकेत मिलता है कि अब वह शिक्षा से जुड़ी अपनी मांगों के साथ-साथ किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी अपने अभियान में शामिल करना चाहती है। संगठन ने आरोप लगाया कि छात्र विरोध-प्रदर्शनों के दौरान केंद्र और कुछ राज्य सरकारों ने जो आश्वासन दिए थे, उन्हें पूरी तरह से लागू नहीं किया गया। संगठन का दावा है कि कई राज्यों में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। आरोप है कि बिहार और पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि राजस्थान जैसे राज्यों में छात्रों के खिलाफ अभी भी FIR दर्ज की जा रही हैं। CJP नेताओं ने छात्रों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की अपनी मांग के लिए टिकैत का समर्थन भी मांगा। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे किसान संगठनों और युवा समूहों के साथ मिलकर देशव्यापी आंदोलन शुरू कर सकते हैं।
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टिकैत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया था। वे कई बार वहां गए और प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन किया। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हुए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई। सुरक्षाकर्मियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। विरोध प्रदर्शन और बढ़ गए और कई अन्य राज्यों में भी फैल गए। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। यह आंदोलन शनिवार (25 जुलाई) को प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR न करने की मांग मान लेने के साथ खत्म हुआ। सीजेपी ने केंद्र सरकार पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने के अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करने की चेतावनी दी है।
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