मध्य प्रदेश के किस शहर का नाम होगा भेरूंदा, जाने मुख्यमंत्री ने की है घोषणा

  •  दिनेश शुक्ल
  •  फरवरी 23, 2021   11:01
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मध्य प्रदेश के किस शहर का नाम होगा भेरूंदा, जाने मुख्यमंत्री ने की है घोषणा

नसरुल्ला खां और औबेदुल्ला खां बेगम सुल्तान जहां बेगम के बड़े बेटे थे। जिसके नाम पर 1908 में भोपाल रियासत ने अपने राजपत्र में भेरूंदा का नाम नसरूल्लागंज प्रकाशित कर नाम बदल दिया था। इसी प्रकार भोपाल और होशंगाबाद जिसका नाम बदलकर अब नर्मदापुरम करने की घोषणा की गई है

भोपाल। मध्य प्रदेश में होशंगाबाद के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश के एक और शहर का नाम बदलने का फैसला किया है। यह शहर है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की गृह जिले सीहोर की नसरुल्लागंज तहसील। मुख्यमंत्री ने सीहोर जिले के नसरूल्लागंज तहसील का नाम बदलकर भेरुंदा करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान रविवार को अपने माता-पिता की स्मृति में आयोजित प्रेम-सुंदर मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

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गौरतलब है कि यह शहर मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र बुदनी विधानसभा में आता है। नसरुल्लागंज का नाम बदलकर भेरुंदा करने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। कार्यक्रम में मौजूद जनसमूह की मांग पर उन्होंने नाम बदलने की घोषणा कर दी। पिछले दिनों नर्मदा जयंति के दिन मुख्यमंत्री ने होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम करने की घोषणा की थी।

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दरआसल नसरुल्लागंज का नाम भोपाल नवाब परिवार के सदस्य रहे नसरुल्ला खां के नाम पर रखा गया था। भोपाल की नवाब सुल्तान जहां बेगम ने जब अपने सबसे छोटे बेटे हमीदुल्ला खां को भोपाल रियासत का नवाब बनाया तो उन्होंने अपने दो बड़े बेटों को जागीर सौंपी तो नसरुल्ला खां को जिस शहर की जागीर सौंपी गई, उसका नाम नसरुल्लागंज रखा गया। नसरुल्ला खां और औबेदुल्ला खां बेगम सुल्तान जहां बेगम के बड़े बेटे थे। जिसके नाम पर 1908 में भोपाल रियासत ने अपने राजपत्र में भेरूंदा का नाम नसरूल्लागंज प्रकाशित कर नाम बदल दिया था। इसी प्रकार भोपाल और होशंगाबाद जिसका नाम बदलकर अब नर्मदापुरम करने की घोषणा की गई है के बीच बसे औबेदुल्लागंज का नाम भी भोपाल बेगम ने अपने बडे़ बेटे औबेदुल्ला खां के नाम पर रखा था।





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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, विधानसभा चुनावों के चलते अवधि में कटौती संभव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:17
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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, विधानसभा चुनावों के चलते अवधि में कटौती संभव

सत्र के दूसरे चरण में सरकार का ध्यान मुख्य रूप से वित्त विधेयक और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को पारित कराने पर होगा। इन अनिवार्य एजेंडा के अलावा, सरकार ने इस सत्र में कई विधेयकों को भी पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है।

नयी दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से आरंभ होगा। हालांकि, चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्र की अवधि में कटौती किए जाने की संभावना है क्योंकि अधिकतर शीर्ष नेता चुनाव प्रचार में व्यस्त रहेंगे। इस सत्र का समापन आठ अप्रैल को होना है। सूत्रों ने कहा कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी दल सत्र की अवधि में कटौती किए जाने के समर्थन में हैं। हालांकि, इस बारे में अभी आधिकारिक निर्णय लिया जाना बाकी है। 

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सत्र के दूसरे चरण में सरकार का ध्यान मुख्य रूप से वित्त विधेयक और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को पारित कराने पर होगा। इन अनिवार्य एजेंडा के अलावा, सरकार ने इस सत्र में कई विधेयकों को भी पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है। सरकार ने जिन विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, उनमें पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, राष्ट्रीय वित्त पोषण अवसंरचना और विकास बैंक विधेयक, विद्युत (संशोधन) विधेयक, क्रिप्टो करेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा नियमन विधेयक शामिल हैं। बजट सत्र का दूसरा चरण ऐसे समय हो रहा है, जब सभी सियासी दलों का ध्यान पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों पर है। इन राज्यों में मार्च-अप्रैल में चुनाव होने हैं। बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी को शुरू हुआ था। इसके तहत, केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किया गया था।





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अमित शाह ने विजयन पर किया पलटवार, सोना तस्करी मामले में किये सवाल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:06
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अमित शाह ने विजयन पर किया पलटवार, सोना तस्करी मामले में किये सवाल

शाह ने केरल में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर दक्षिणी राज्य में वाम दलों के खिलाफ लड़ने और पश्चिम बंगाल में भाजपा से मुकाबला करने के लिए माकपा के साथ गठजोड़ करने को लेकर निशाना साधा।

तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोना और डॉलर की तस्करी मामलों की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसियों पर निशाना साधने को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर रविवार को पलटवार किया और उनसे यह स्पष्ट करने को कहा कि इन मामलों की मुख्य आरोपी ने उनके कार्यालय में काम किया था, या नहीं। शाह ने केरल में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर दक्षिणी राज्य में वाम दलों के खिलाफ लड़ने और पश्चिम बंगाल में भाजपा से मुकाबला करने के लिए माकपा के साथ गठजोड़ करने को लेकर निशाना साधा। शाह ने साथ ही कांग्रेस को तब चुप्पी साधने के लिए भी आड़े हाथ लिया, जब राज्य में सबरीमला मंदिर में एक खास आयु समूह (10 से 50 वर्ष) की महिलाओं के प्रवेश मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का मानना है कि सबरीमला मंदिर और उसका प्रशासन भक्तों को सौंप देना चाहिए और इसमें कोई सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।’’ यहां के षनगुमुगम बीच पर भाजपा की ‘विजय यात्रा’ के समापन के मौके पर शाह ने यह भी जानना चाहा कि क्या मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले में सीमा शुल्क अधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने सोना तस्करी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश की ओर इशारा करते हुए सवाल किया, ‘‘मुख्यमंत्री का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियां ​​राजनीतिक औजार (भाजपा नीत राजग सरकार की) के रूप में काम कर रही हैं। मैं कुछ सवाल पूछना चाहता हूं। मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि डॉलर या सोना घोटाले की मुख्य आरोपी उनके कार्यालय में काम करती थी या नहीं?’’

सुरेश को केरल स्टेट इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के तहत स्पेस पार्क परियोजना में तब एक संविदा पद से हटा दिया गया था, जब उसका नाम पिछले साल राजनयिक चैनल के माध्यम से सोने की तस्करी के सिलसिले में सामने आया था। विजयन के तत्कालीन प्रधान सचिव और आईटी सचिव एम शिवशंकर को सुरेश से उनके संबंधों के आरोपों पर एक आधिकारिक समिति के निष्कर्ष के आधार पर पद से हटाकर निलंबित कर दिया गया था। सोने की तस्करी के मामले की जांच करने वाले सीमा शुल्क विभाग द्वारा यह दावा किये जाने के एक दिन बाद कि सुरेश ने डॉलर की ‘तस्करी’ के मामले में उनके और अन्य लोगों के खिलाफ ‘‘चौंकाने वाले रहस्योद्घाटन’’ किए हैं, विजयन ने शनिवार को एजेंसी पर निशाना साधा और कहा कि वह मामले के संबंध में राज्य कैबिनेट के सदस्यों को ‘‘बदनाम’’ करने की कोशिश कर रही है। सुरेश को पिछले साल 5 जुलाई को शहर में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यूएई वाणिज्य दूतावास को भेजे जाने वाले सामान से 15 करोड़ रुपये मूल्य का लगभग 30 किलोग्राम सोना सीमा शुल्क विभाग द्वारा जब्त किये जाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीमा शुल्क विभाग के अलावा सोना तस्करी मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान मस्कट में यूएई वाणिज्य दूतावास के एक पूर्व वित्त प्रमुख द्वारा 1,90,000 अमेरिकी डालर की कथित तस्करी का मामला भी सामने आया। विजयन ने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राज्य में भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रचार करने के लिए किया जा रहा है जहां छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाला है। 

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शाह ने यह भी कहा कि उनके पास सरकार के खिलाफ भष्टाचार के और भी आरोप हैं, ‘‘मैं मुख्यमंत्री को भ्रमित नहीं करना चाहता’’ और केवल चाहता हूं कि वह उनके सवालों का जवाब दें। शाह ने यह भी कहा कि केरल को विकास, साक्षरता और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था, लेकिन ‘‘सत्तारूढ़ एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ के बारी-बारी से सत्ता में आने का परिणाम यह हुआ है कि राज्य राजनीतिक हिंसा का एक मंच बन गया है।’’ उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लोगों की नहीं बल्कि अपने ‘‘वोट बैंक’’ की चिंता है। उन्होंने कहा, ‘‘वाम एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) के साथ जुड़ा हुआ है जो पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का एक राजनीतिक संगठन है, जबकि कांग्रेस मुस्लिम लीग के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। मैं कांग्रेस पार्टी की नीति को नहीं समझ पाता हूं। वे पश्चिम बंगाल में माकपा के साथ हाथ मिलाकर हमसे मुकाबला कर रहे हैं जबकि वे यहां वामपंथियों से लड़ रहे हैं।’’ शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश भर में कोविड-19 के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केरल में मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपचाराधीन मामलों में से 40 प्रतिशत मामले दक्षिणी राज्य से सामने आ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने 2018 और 2019 में राज्य में लगातार दो बाढ़ों से निपटने के तरीके को लेकर वाम सरकार पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘500 से अधिक लोग मारे गए थे’’, लेकिन सरकार को सोना और डॉलर घोटाले के आरोपियों को बचाने में दिलचस्पी थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


महंगाई के खिलाफ ममता का रोड शो, कहा- बंगाल में तृणमूल रहेगी परिवर्तन तो दिल्ली में होगा

  •  अभिनय आकाश
  •  मार्च 7, 2021   18:16
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महंगाई के खिलाफ ममता का रोड शो, कहा- बंगाल में तृणमूल रहेगी परिवर्तन तो दिल्ली में होगा

ममता की कोशिश ये दिखाने की रही कि केंद्र की बीजेपी सरकार महंगाई पर काबू नहीं कर पा रही है इसलिए लोग एक बार फिर अपनी बेटी को मौका दें। यह रोड शो करीब 4 किलोमीटर लंबा रहा।

पश्चिम बंगाल में राजनीति का सुपर संडे देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी की कोलकाता में रैली जो कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिग्रेड परेड मैदान में हुई। ममता बनर्जी चाहती हैं कि बंगाल के चुनाव में महंगाई मुद्दा बने। इसीलिए एलपीजी सिलेंडर की महंगाई को थीम बनाकर उन्होंने सिलीगुड़ी में रोड शो किया। ममता का ये रोड शो ठीक तभी हो रहा था जब कोलकाता में प्रधानमंत्री रैली कर रहे थे। दरअसल, ममता की कोशिश ये दिखाने की रही  कि केंद्र की बीजेपी सरकार महंगाई पर काबू नहीं कर पा रही है इसलिए लोग एक बार फिर अपनी बेटी को मौका दें। यह रोड शो करीब 4 किलोमीटर लंबा रहा।

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ममता बनर्जी के सिलेंडर वाले पोस्टर को ही अपना जैकेट बनाकर साड़ी के ऊपर डाल दिया। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में तृणमूल रहेगी परिवर्तन तो दिल्ली में होगा। ममता बनर्जी के पैदल मार्च में बड़ी तादाद में महिलाएं दिखीं। इस दौरान टीएमसी सांसद नुसरत जहां और मिमि चक्रवर्ती भी नजर आईं। ममता ने इस दौरान कहा कि देश में मोदी-शाह का सिंडिकेट है, जो हमसे टकराएगा चूड़-चूड़ हो जाएगा। 






नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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