बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे को क्यों बर्बाद कर रहे भाजपा नेता

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे को क्यों बर्बाद कर रहे भाजपा नेता

भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर कथित तौर पर नाबालिग युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया था। यह मामला जून 2018 में प्रकाश में आया था।

सत्ता में वापसी करने वाली मोदी सरकार ने साल 2015 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसी के साथ उन्होंने एक भावनात्मक अपील करते हुए कहा था कि वो बेटियों के जीवन की भीख मांगने के लिए एक भिक्षुक के रूप में आए हैं। पीएम मोदी ने यह बात हरियाणा के पानीपत में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कही थी, इस जनसभा में अधिकांश महिलाएं थीं। लेकिन क्या आपको पता है प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी के नेता यानि की भाजपा के नेता उनके इस नारे को तार-तार कर रहे हैं। तो चलिए हम आपको बताते भाजपा के उन पांच नेताओं की कहानी जिनका मामला अभी न्यायालय में चल रहा है।

कुलदीप सिंह सेंगर मामला 

भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर कथित तौर पर नाबालिग युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया था। यह मामला जून 2018 में प्रकाश में आया था। जब नाबालिग लड़की ने विधायक सेंगर और उसके साथियों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। 

इस मामले ने जुलाई 2019 में एक बार फिर से तूल पकड़ा। जब पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी। इस दुर्घटना में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो चुकी है जबकि पीड़िता और उनके वकील को लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। फिलहाल न्यायालय की देखरेख में सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।

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इतना ही नहीं हाल ही में एम्स में अस्थाई न्यायालय बनाया गया और पीड़िता का बयान दर्ज किया गया। इस मामले के मुख्य आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को एम्स लाया गया था और उसके साथ सह-आरोपी शशि सिंह भी मौजूद रहे। 

चिन्मयानंद मामला

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आपको बता दें कि काननू में परास्नातक की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने वीडियो क्लिप के जरिये चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।  साथ ही कहा कि मुझे जान के मारने की धमकी भी दी जा रही है। 

हाल ही में सोशल मीडिया पर चिन्मयानंद से जुड़े कई सारे आपत्तिजनक वीडियो भी तैर रहे हैं। हालांकि इन वीडियोज की पुष्टि प्रभासाक्षी नहीं करती है। आपको बता दें कि पीड़िता ने एसआईटी को 40 से अधिक वीडियो सौंपे थे जिसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी की।

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इस मामले में न्याय न मिलता देख पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के बाद कहा था कि अगर सरकार इंतजार कर रही है कि वह खुद ही मर जाए तो वह मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा लेगी।

यह कोई पहली दफा नहीं था जब चिन्मयानंद पर आरोप लगे हो। इससे पहले साल 2012 में भी उन पर गंभीर आरोप लगे थे लेकिन तब वह बच गए थे।

एमजे अकबर मामला

मीटू कैंपेन के तहत ने 20 से अधिक महिला पत्रकारों ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश राज्य मंत्री रहे एमजे अकबर पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। शुरू में तो एमजे अकबर अपना बचाव करने का प्रयास कर रहे थे लेकिन जब वह घिरने लगे तो उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मीटू कैंपेन के तहत एमजे अकबर पर पहला आरोप वरिष्ठ पत्रकार प्रिया रमानी ने लगाए थे फिलहाल यह मामला न्यायालय में चल रहा है।

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भाजपा विधायक ढुल्लू महतो मामला

विवादों में रहने वाले झारखंड के बाघमारा से भाजपा विधायक ढुल्लू महतो के खिलाफ भाजपा की ही एक महिला नेत्री ने जबरन संबंध बनाने के आरोप लगाए थे। महिला नेत्री ने बड़े ही नाटकीय ढंग से कतरास थाना चौक पर आत्मदाह करने का प्रयास किया था और केरोसिन भी उड़ेल लिया था। हालांकि विधायक ढुल्लू ने इस पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताया था।

बबन यादव मामला

बिहार की बुद्धा सोसाइटी सेवा फाउंडेशन की एक महिला ने भाजपा नेता बबन यादव पर मारपीट और यौन शोषण के आरोप लगाए थे, जिसके बाद भाजपा ने बबन यादव को पार्टी से निकाल दिया। हालांकि इस मामले में बबन यादव को गिरफ्तार भी किया गया था। राजनीति में आने से पहले बबन यादव अभिनेता थे और मामला प्रकाश में आते ही नित्यानंद राय ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

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