सपा राज में हुए 815 दंगे, BJP सरकार ने पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया: Yogi Adityanath

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लखनऊ में पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के दौरान प्रदेश में 815 दंगे हुए थे, जिससे गरीबों और बच्चों पर बुरा असर पड़ा। अब तक माफिया के खिलाफ कार्रवाई में करीब 15 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां ध्वस्त या जब्त की गई हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) की पूर्ववर्ती सरकार पर पुलिस के कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप करने और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच राज्य में 815 दंगे हुए थे। आदित्यनाथ ने यहां पुलिस स्मृति दिवस समारोह को संबोधित करते हुए अपराध के प्रति सरकार की किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति का जिक्र किया और कहा कि वर्ष 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया गया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘एक समय था जब थानेदार या पुलिस अधीक्षक भी किसी अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले कई बार सोचते थे।

पुलिस किसी अपराधी को पकड़ती थी तो सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे और कुछ ही घंटों में अपराधी के बजाय पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो जाती थी।’’ आदित्यनाथ ने दावा किया कि पहले पुलिसकर्मियों से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सत्ताधारी लोगों के निजी हितों के लिए काम कराया जाता था। उन्होंने कहा कि उस समय थानों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की कंपनियों को बंद करने की कोशिशें की गई थीं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अपराधियों के पास स्वचालित हथियार होते थे, जबकि पुलिसकर्मी जंग लगी राइफलों के सहारे उनसे मुकाबला करने को मजबूर थे।

मुख्यमंत्री ने पुलिस मुठभेड़ों की कथित घटनाओं और सरकार की सख्त कार्रवाई की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को माफिया और आतंकवादियों की मौत पर दुख होता है लेकिन अपराधियों के हाथों शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों व अनाथ होने वाले उनके बच्चों के प्रति उनमें वैसी संवेदना नहीं दिखती। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में व्यापारियों के अपहरण और महिलाओं के सार्वजनिक अपमान जैसी घटनाओं पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच हुए 815 दंगों से गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों और बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ा था।

उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग कांड का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक संरक्षण मिला था तथा इस घटना में पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव की जान चली गई थी। आदित्यनाथ ने दावा किया कि माफिया के खिलाफ कार्रवाई के तहत करीब 15 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां ध्वस्त की गईं या जब्त की गईं। उन्होंने कहा कि अपराधियों के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन का इस्तेमाल गरीबों के लिए आवास बनाने में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल में पुलिस में करीब 2.26 लाख नियुक्तियां की गई हैं और 35 हजार अन्य पदों पर भर्ती अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या भी लगभग 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हो गई है। आदित्यनाथ ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोहों, अवैध शराब के कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई से पुलिस ने साबित किया है कि उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पांच लाख पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में लाया गया है।

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