सादा जीवन जीने वाले मदनलाल सैनी ने भाजपा के संगठन को मजबूत बनाया

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सैनी ने वर्ष 1990 में अपना पहला चुनाव उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था। इसमें वह जीत कर विधानसभा पहुंचने में सफल रहे थे। उसके बाद वह संगठन में भी सक्रिय हुए और 1991 में एक साल के लिए बीजेपी के झुंझुनूं जिलाध्यक्ष भी रहे।

राजस्थान बीजेपी के अध्‍यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदनलाल सैनी का सोमवार को निधन हो गया। उन्‍होंने दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली। सैनी का जन्म 13 जुलाई, 1943 को हुआ था। मूलत: सीकर जिले की मालियों की ढाणी के रहने वाले करीब 76 वर्षीय सैनी राजनीति में आने से पहले भारतीय मजूदर संघ (भामसं) से लंबे समय तक जुड़े रहे थे। सैनी ने राजनीति के लिए सीकर मुख्यालय से सटे माली बहुल झुंझुनूं के उदयपुरवाटी विधानसभा सीट (पूर्व में गुढ़ा) को चुना था।

सैनी ने वर्ष 1990 में अपना पहला चुनाव उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था। इसमें वह जीत कर विधानसभा पहुंचने में सफल रहे थे। उसके बाद वह संगठन में भी सक्रिय हुए और 1991 में एक साल के लिए बीजेपी के झुंझुनूं जिलाध्यक्ष भी रहे। वहीं से संगठन में पदोन्नत होकर प्रदेश मंत्री बने। बाद में ओमप्रकाश माथुर के अध्यक्ष काल में वह प्रदेश महामंत्री रहे। मदनलाल सैनी अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे। प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले वह नियमित रूप से बस से सीकर से जयपुर आते थे। फिर पैदल ही बीजेपी दफ्तर जाते थे। उनकी कार्यशैली और सादगी से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको 2018 में राज्यसभा भिजवाया। जब राजस्‍थान बीजेपी में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भारी जोर-आजमाइश चल रही थी, तब अमित शाह ने सैनी को राजस्थान बीजेपी की कमान सौंपी थी। सैनी की अगुवाई में बीजेपी ने लोकसभा में राज्य की सभी 25 सीटें जीतीं।

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सैनी ने दो बार लोकसभा चुनाव में भी भाग्य आजमाया था, लेकिन सफल नहीं हो सके थे। सैनी ने वर्ष 1993 में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे शीशराम ओला के सामने झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। उसके बाद सैनी ने साल 1998 में फिर लोकसभा का चुनाव लड़ा और एक बार फिर से जीतने में विफल रहे। सैनी ने 2008 में उदयपुरवाटी से विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इस दौरान सैनी ने संगठन में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।

मदनलाल सैनी लंबे समय तक बीजेपी अनुशासन समिति के अध्यक्ष रहे। सैनी राज्यसभा के सदस्‍य भी थे। सैनी की ससुराल झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ में है। उनकी पांच बेटियां और एक बेटा है। पुत्र मनोज सैनी पेशे से वकील हैं। वह हाईकोई में वकालत करते हैं।

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