Rash Behari Bose Birth Anniversary: वो Freedom Fighter जिसने जापान से हिला दी थी अंग्रेजों की सल्तनत की नींव

Rash Behari Bose
Creative Commons licenses

क्रांतिकारी रास बिहारी बोस का जन्म 25 मई को हुआ था। उन्होंने आज़ाद हिंद फौज की नींव रखी थी और ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई थी। देश को आजादी दिलाने में रास बिहारी बोस का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

आज यानी की 25 मई को भारतीय क्रांतिकारी रास बिहारी बोस का जन्म हुआ था। भारत को आजादी दिलाने के लिए भारतीय क्रांतिकारी रास बिहारी बोस अपनी पूरी जिंदगी अंग्रेजों के हुकूमत के खिलाफ लड़ते रहे। रास बिहारी बोस ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध में 'गदर' एवं 'आजाद हिन्द फौज' का संगठन बनाया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर रास बिहारी बोस के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

बंगाल के बर्धमान जिले के सुबालदह गांव में 25 मई 1886 को रास बिहारी बोस का जन्म हुआ था। जब वह 3 साल के थे, तो उनकी मां की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद उनका पालन-पोषण मामी ने किया था। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वह चिकित्सा शास्त्र और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए फ्रांस और जर्मनी चले गए।

इसे भी पढ़ें: Gayatri Devi Birth Anniversary: Indira Gandhi से दुश्मनी, Emergency में जेल... ऐसी थी गायत्री देवी Royal Life

विरोध प्रदर्शन

साल 1905 में भारत के तत्कालीन वाइसराय कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया। इस दौरान पहली बार रास बिहारी क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े। बंगाल विभाजन को रोकने के लिए उन्होंने अरबिंदो घोष और जतिन बनर्जी के साथ मिलकर बंगाल विभाजन के पीछे अंग्रेजी हुकूमत की मंशा का खुलासा करने की कोशिश की। इस दौरान रास बिहारी का परिचय बंगाल के प्रमुख क्रांतिकारियों संयुक्त प्रान्त, युगान्तर क्रान्तिकारी संगठन और आर्य समाजी क्रांतिकारियों से हुआ।

बग्गी पर फेंका बम

दिसंबर 1911 में दिल्ली के चांदनी चौक में तत्कालीन वाइसराय लॉर्ड हार्डिंग की सवारी निकाली जा रही थी। इस दौरान रास बिहारी ने उन पर बम फेंकने की योजना बनाई। युगांतर दल के सदस्य बसन्त कुमार विश्वास ने हार्डिंग की बग्गी पर बम फेंका था। लेकिन उनका निशाना चूक गया और उनको पकड़ लिया गया। हालांकि रास बिहारी इस दौरान बच निकले।

प्रथम विश्व युद्ध

साल 1913 में बंगाल में बाढ़ की वजह से रास बिहारी राहत कार्य में जुट गए। इस दौरान रास बिहारी की मुलाकात जतिन मुखर्जी से हुई। जिसके बाद फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के दौरान भारत को आजादी दिलाने के लिए रास बिहारी बोस ने गदर की योजना बनाई। साल 1915 में उन्होंने क्रांतिकारियों को सेना से युद्ध करने की योजना बनाई। लेकिन उनकी यह योजना भी असफल साबित हुए। जिसके परिणामस्वरूप कई क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

जापान में रहने लगे रास बिहारी

सेना से युद्ध के बाद ब्रिटिश पुलिस रास बिहारी बोस को ढूंढने लगी। जिस कारण उनको साल 1915 में भारत छोड़ना पड़ा। वह जापान में राजा पी एन टैगोर के नाम से रहने लगे और वहीं से देश की आजादी के लिए काम करने लगे। इस दौरान उन्होंने लेखन, अंग्रेजी अध्यापन और पत्रकारिता का काम किया। उन्होंने जापानी में कुल 16 पुस्तकें लिखीं।

इंडियन इंडिपेंडेंस लीग की स्थापना

साल 1923 में प्रसिद्ध पैन एशियाई समर्थक सोमा आइजो और सोमा कोत्सुको की बेटी से रास बिहारी ने शादी कर जापान की नागरिकता हासिल कर ली। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रवादियों के पक्ष में जापानी अधिकारियों का समर्थन पाने का प्रयास किया। वह इसमें सफल भी रहे और मार्च 1942 में टोक्यो में 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' की स्थापना की।

मृत्यु

वहीं 21 जनवरी 1945 को रास बिहारी बोस का निधन हो गया था।

All the updates here:

अन्य न्यूज़