भारत जोड़ो यात्रा जिस राज्य से निकल रही है वहां कांग्रेस का बड़ा नुकसान करती जा रही है

Bharat Jodo Yatra
ANI
गौतम मोरारका । Nov 25, 2022 2:31PM
राहुल की भारत जोड़ो यात्रा तमिलनाडु से शुरू हुई थी इसलिए पहले बात तमिलनाडु की ही करते हैं। यहां पार्टी विधायक और राज्य में कांग्रेस कोषाध्यक्ष रूबी आर. मनोहरन का जिस तरह विरोध हो रहा है वह दिखा रहा है कि केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं के बीच कितने मतभेद हैं।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं। इस दौरान उनका प्रयास है कि कम से कम कांग्रेस पार्टी तो एकजुट हो लेकिन हो उसका उल्टा रहा है। राहुल गांधी अब तक केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र आदि राज्यों का दौरा कर चुके हैं। इन सभी राज्यों में दिखाने के लिए भले कांग्रेस नेता एक साथ राहुल गांधी के साथ पदयात्रा में चले लेकिन राहुल के जाते ही जिस तरह आपस में भिड़े वह दर्शाता है कि कांग्रेस को एक बड़े और गहरे आत्ममंथन की जरूरत है। यही नहीं, राहुल गांधी की यात्रा जिन राज्यों में पहुँचने वाली है वहां भी कांग्रेस में सिर फुटव्वल की स्थिति नजर आ रही है।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा तमिलनाडु से शुरू हुई थी इसलिए पहले बात तमिलनाडु की ही करते हैं। यहां पार्टी विधायक और राज्य में कांग्रेस कोषाध्यक्ष रूबी आर. मनोहरन का जिस तरह विरोध हो रहा है वह दिखा रहा है कि केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं के बीच कितने मतभेद हैं। मनोहरन को तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक समिति ने निलंबित किया तो कुछ ही घंटे के भीतर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से इस निलंबन पर रोक लगा दी गयी। इसके अलावा भी तमिलनाडु में कांग्रेस के कई नेता आपस में ही भिड़े हुए हैं।

केरल की बात करें तो वहां कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अन्य नेताओं से मुलाकात को कांग्रेस के स्थानीय नेता गुटबाजी के रूप में पेश कर रहे हैं जिससे शशि थरूर भड़क गये हैं। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता के हालिया बयानों से कांग्रेस में मतभेद साफ तौर पर नजर आने लगे हैं। शशि थरूर जब कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार थे उस समय भी कांग्रेस की केरल इकाई उनके समर्थन को लेकर एकजुट नहीं दिखी थी।

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राहुल गांधी कर्नाटक भी गये लेकिन वहां कुछ स्थानीय निकाय चुनावों में उसी दौरान कांग्रेस की हार हो गयी। इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सतीश जारकीहोली ने हिंदुओं के विरुद्ध ऐसा बयान दे दिया जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया और उन्हें माफी मांगनी पड़ी। राहुल गांधी ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ फोटो खिंचवा कर संकेत दिया था कि कर्नाटक में पार्टी एकजुट है लेकिन इस फोटो का हश्र राजस्थान और मध्य प्रदेश की तरह हुआ। उल्लेखनीय है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश विधानसभा के पिछले चुनाव परिणाम के बाद जब मुख्यमंत्री पद के दो-दो उम्मीदवार थे तब राहुल गांधी ने एक फोटो में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया का हाथ पकड़ कर फोटो खिंचवाया था और दूसरी में अशोक गहलोत और सचिन पायलट का हाथ पकड़ कर फोटो खिंचवाया था लेकिन वह एकजुटता सिर्फ फोटो तक ही सीमित रही।

राहुल गांधी तेलंगाना भी गये। लेकिन वहां पार्टी के विधायकों का कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब तो पूर्व मंत्री एम. शशिधर रेड्डी ने भी कांग्रेस छोड़ दी है और वह भाजपा में शामिल होने वाले हैं। यही नहीं हालिया तेलंगाना विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस अपनी सीट से चुनाव हारी ही नहीं बल्कि तीसरे नंबर पर भी खिसक गयी। इसके अलावा तेलंगाना कांग्रेस में मची भगदड़ दर्शा रही है कि यहां पार्टी को एकजुट नहीं रखा जा सका है।

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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र भी होकर आयी है लेकिन वहां जिस तरह से राहुल गांधी ने वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक बयान देकर बवाल खड़ा किया उससे हिंदुत्व समर्थक नाराज हो गये हैं। यही नहीं, राहुल गांधी के बयान से विपक्षी गठबंधन एमवीए में भी दरार नजर आने लगी है क्योंकि उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने वीर सावरकर के खिलाफ दिये गये बयान का विरोध कर दिया है। महाराष्ट्र से इस तरह की भी खबरें हैं कि बीएमसी चुनावों से पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पाला बदल करने की तैयारी में हैं।

बहरहाल, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा फिलहाल मध्य प्रदेश में है। वहां राहुल गांधी के पहुँचते ही मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी नरेंद्र सलूजा भाजपा में शामिल हो गये। उधर, भारत जोड़ो यात्रा के राजस्थान पहुँचने से पहले ही जिस तरह का सिर फुटव्वल पार्टी में देखने को मिल रहा है वह दर्शा रहा है कि भारत जोड़ो यात्रा कोई भी असर छोड़ने में विफल रही है। इसके अलावा, भारत जोड़ो यात्रा वैसे तो गुजरात नहीं गयी लेकिन राहुल गांधी ने पदयात्रा के दौरान जिस तरह मेधा पाटकर को अपने साथ लिया उससे गुजरात में कांग्रेस को नुकसान होता दिख रहा है। क्योंकि नर्मदा आंदोलन चलाने वाली मेधा पाटकर ने एक तरह से गुजरात में हर घर नल से जल पहुँचाने का विरोध किया था। सिर्फ इस फोटो ने गुजरात में भाजपा को कांग्रेस के विरोध के लिए एक बड़ा मुद्दा थमा दिया है।

-गौतम मोरारका

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