विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल
विडंबना यह है कि उसी देश में हम विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम, मेडिकल संस्थानों और अत्याधुनिक शिक्षण परिसरों की चर्चा करते हैं, लेकिन गांव के उस बच्चे की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं देते जो टूटी छत के नीचे बैठकर भविष्य के सपने देख रहा है। कहीं शिक्षक एक है और कक्षाएं पांच।



























































