LPG Crisis: सरकारी दावों और Ground Reality में कितना अंतर? पुराने दौर में लौटने पर क्यों होना पड़ा मजबूर
वैश्विक संकट के बीच भारत में रसोई गैस की किल्लत ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, खासकर उन छोटे व्यापारियों और मजदूरों की जो गैस कनेक्शन से वंचित हैं। सरकार के दावों के विपरीत, कमर्शियल सिलेंडर की आसमान छूती कीमतों ने खाने-पीने की चीजों को महंगा कर दिया है, जिससे गरीब परिवार फिर से मिट्टी के चूल्हे जलाने पर विवश हो गए हैं।



























































