कहां गए शांति के कपोत उड़ाने वाले?
इतिहास गवाह है कि युद्ध कभी समस्या का समाधान नहीं रहा, बल्कि यह नई समस्याओं का जन्मदाता है। रूस-यूक्रेन युद्ध के समय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई बार कहा कि दुनिया को युद्ध की नहीं, बुद्ध की जरूरत है। कई मंचों से उन्होंने यह मांग उठाई, किंतु किसी भी देश ने शांति का समर्थन नहीं किया।



























































